गोरखपुर।शनिवार को तहसील गोला में आयोजित समाधान दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर ने सीधे जनता की समस्याएं सुनी और उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्दे...
गोरखपुर।
शनिवार को तहसील गोला में आयोजित समाधान दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर ने सीधे जनता की समस्याएं सुनी और उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में फरियादियों से संवाद करते हुए दोनों अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक नागरिक की समस्या समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से हल की जाए।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को यह निर्देश भी दिए कि समाधान दिवस केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि जनता को न्याय देने और उनकी समस्याओं का वास्तविक समाधान सुनिश्चित करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि हर अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ करें ताकि जनता का विश्वास प्रशासन पर बना रहे।
एसएसपी राज करन नय्यर ने पुलिस से संबंधित शिकायतों को सुना और मौके पर कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पुलिस और प्रशासन जनता की सुरक्षा और सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और जनसुनवाई में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को न्याय मिले, यह सुनिश्चित किया जाएगा।
समाधान दिवस में मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, एसडीएम गोला अमित जैसवाल, क्षेत्राधिकारी गोला और विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। उन्होंने निर्देशित किया कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का फीडबैक लेकर प्रत्येक समस्या का पूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों की सक्रिय उपस्थिति और तत्परता से फरियादियों में संतोष देखा गया। कई फरियादियों ने बताया कि अधिकारियों ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से कहा कि जनहित से जुड़ी हर समस्या प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
समाधान दिवस में उपस्थित अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि विभागीय कार्यवाही में पारदर्शिता बनी रहे और जनता को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। दीपक मीणा ने कहा कि यदि अधिकारी इसी तरह संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते रहें, तो बहुत जल्द तहसील गोला को ‘शिकायत मुक्त तहसील’ के रूप में पहचाना जाएगा।
इस अवसर पर जनता ने अधिकारियों की तत्परता और सक्रियता की सराहना की। अधिकारियों ने भी इस प्रकार की जनसुनवाई को नियमित रूप से जारी रखने का संकल्प लिया, ताकि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास और सहयोग मजबूत हो।