गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय के शिक्षाशास्त्र विभाग में दीक्षारम्भ कार्यक्रम आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अनुभूति दुबे ने कहा कि निरंतरता और अनुशासन ही शैक्षिक उन्नयन का मूल आधार है।उन्होंने छात्रों से विश्वविद्यालय की सुविधाओं व नियमों की जानकारी रखने और शिक्षक शिक्षा की पवित्रता व अनुशासन को बनाए रखने का आह्वान किया।विभागाध्यक्ष प्रो. सुनीता दुबे ने विद्यार्थियों से भावी शिक्षक के रूप में समाज व राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया। संयोजिका प्रो. सुषमा पाण्डेय ने इसे नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ते हुए महत्वपूर्ण बताया।कार्यक्रम में विभाग के आचार्यगण, सहायक आचार्य एवं 200 से अधिक विद्यार्थी उपस्थित रहे।
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय के शिक्षाशास्त्र विभाग में दीक्षारम्भ कार्यक्रम आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अनुभूति दुबे ने कहा कि निरंतरता और अनुशासन ही शैक्षिक उन्नयन का मूल आधार है।
उन्होंने छात्रों से विश्वविद्यालय की सुविधाओं व नियमों की जानकारी रखने और शिक्षक शिक्षा की पवित्रता व अनुशासन को बनाए रखने का आह्वान किया।
विभागाध्यक्ष प्रो. सुनीता दुबे ने विद्यार्थियों से भावी शिक्षक के रूप में समाज व राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया। संयोजिका प्रो. सुषमा पाण्डेय ने इसे नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ते हुए महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में विभाग के आचार्यगण, सहायक आचार्य एवं 200 से अधिक विद्यार्थी उपस्थित रहे।