गोरखपुर। लोक आस्था का महान पर्व छठ महापर्व सोमवार सुबह गोरखपुर में श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन के वातावरण में सम्पन्न हुआ। नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ चार दिनों तक मनाए ...
गोरखपुर। लोक आस्था का महान पर्व छठ महापर्व सोमवार सुबह गोरखपुर में श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन के वातावरण में सम्पन्न हुआ। नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ चार दिनों तक मनाए जाने वाले इस पर्व के अंतिम दिन हजारों व्रती महिलाओं और श्रद्धालुओं ने घाटों, तालाबों और कृत्रिम जलाशयों पर पहुंचकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया। जैसे ही पूर्व दिशा में सूर्य की पहली किरण दिखाई दी, व्रती महिलाओं ने जल में खड़े होकर दूध, गंगाजल और फल अर्पित कर सूर्य देव का आभार जताया। पूरा वातावरण छठ गीतों और जयकारों से गूंज उठा।
राजघाट, रामघाट, गोरखनाथ घाट, रामगढ़ताल, महेशरा, चिलुआताल, झगहा, पीपीगंज, कैम्पियरगंज, रोहिणी व मीरपुर घाट सहित जनपद के ग्रामीण इलाकों तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। व्रती महिलाओं ने परंपरागत परिधान में विधि-विधान से पूजा की। वहीं पुरुष और बच्चे दीप व सजावट से घाटों को आलोकित करते दिखे।
सुरक्षा-व्यवस्था रही चाक-चौबंद
छठ पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दी। एडीजी जोन मुथा अशोक जैन, डीआईजी एस. चनप्पा, मंडलायुक्त अनिल ढींगरा, जिलाधिकारी दीपक मीणा व एसएसपी राज करन नय्यर सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न घाटों का भ्रमण कर सुरक्षा, स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था का निरीक्षण किया।
एसपी सिटी अभिनव त्यागी, एसपी नॉर्थ जितेंद्र श्रीवास्तव और एसपी साउथ जितेंद्र कुमार ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा का जायजा लिया। यातायात प्रभारी राजकुमार पांडेय के नेतृत्व में ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू व व्यवस्थित रही।
नगर निगम और प्रशासन की मजबूत तैयारियाँ
नगर निगम की ओर से 46 मुख्य एवं 64 अन्य घाटों पर सफाई और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की गई। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल और महापौर डा. मंगलेश श्रीवास्तव के निर्देशन में—
3200+ सफाई कर्मी
110 पानी के टैंकर
20,000+ स्ट्रीट/रोड लाइट
180+ एप्रोच मार्ग व तालाब निर्माण
जैसी व्यवस्थाएँ की गईं। ग्रामीण क्षेत्रों में डीपीआरओ नीलेश सिंह के नेतृत्व में सफाई और फिसलन रोकने के लिए रेत-मिट्टी की व्यवस्था रखी गई।
आपदा प्रबंधन दलों की तैनाती
रामघाट, राजघाट, गोरखनाथ घाट और रामगढ़ताल पर जल पुलिस, एआरएफ और पीएसी की तैनाती रही। आपदा प्रभारी गौतम गुप्ता के निर्देशन में एनडीआरएफ की टीमें राप्ती नदी के प्रमुख घाटों पर सतर्क रहीं। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी से भीड़ प्रबंधन पर लगातार निगरानी रखी गई।
श्रद्धा, अनुशासन और सामाजिक एकता का प्रतीक
लोकगीतों की धुन, दीपों की जगमगाहट और आरोह-अवरोह करती व्रती महिलाओं की आस्था ने गोरखपुर के घाटों को अद्भुत धार्मिक माहौल में रंग दिया। लोग एक-दूसरे की सहायता करते हुए सामाजिक एकता और सद्भाव का संदेश देते दिखे।
पर्व के समापन पर जिलाधिकारी दीपक मीणा और एसएसपी राज करन नय्यर ने शांतिपूर्ण व अनुशासित आयोजन के लिए नागरिकों को धन्यवाद दिया और कहा कि यह गोरखपुर की बेहतर तैयारी और जनसहभागिता का उदाहरण है।