गोरखपुर, 2 सितंबर। मां भारती की आन, बान और शान के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले गोरखा सैनिकों की वीरगाथा को संजोने की बड़ी पहल योगी सरकार करने जा रही है। गोरखा रेजिमेंट भर्ती डिपो (जीआरडी) गोरखपुर स्...
गोरखपुर, 2 सितंबर। मां भारती की आन, बान और शान के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले गोरखा सैनिकों की वीरगाथा को संजोने की बड़ी पहल योगी सरकार करने जा रही है। गोरखा रेजिमेंट भर्ती डिपो (जीआरडी) गोरखपुर स्थित गोरखा युद्ध स्मारक का सौंदर्यीकरण कर यहां एक भव्य संग्रहालय (म्यूज़ियम) बनाया जाएगा। इसका शिलान्यास 4 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान करेंगे।
जनता पहली बार जान सकेगी गोरखा रणबांकुरों की वीरगाथा
गोरखा रेजिमेंट का यह पहला संग्रहालय होगा जो आम जनता के लिए खोला जाएगा। देश-विदेश में अपने शौर्य और साहस की अमिट पहचान बनाने वाले गोरखा रणबांकुरों की कहानियों से लोग पहली बार सीधे रूबरू हो सकेंगे। संग्रहालय में सेवन डी थिएटर, साउंड-लाइट शो और म्यूरल पेंटिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी।
45 करोड़ की लागत से होगा निर्माण
संग्रहालय और युद्ध स्मारक के सौंदर्यीकरण का कार्य उत्तर प्रदेश जलनिगम नगरीय की सीएंडडीएस यूनिट-42 को सौंपा गया है। इस पर 44.73 करोड़ रुपये की लागत आएगी। परियोजना में संग्रहालय भवन, टिकट काउंटर, शौचालय ब्लॉक, वाटर बॉडी, चहारदीवारी, लिफ्ट और मौजूदा भवन का जीर्णोद्धार शामिल है।
गोरखा सैनिकों का गौरवशाली इतिहास
गोरखा सैनिक भारतीय सेना में अपने विशेष युद्ध कौशल के लिए विश्वविख्यात हैं।
ब्रिटिश काल से लेकर अब तक उन्होंने 2700 से अधिक वीरता पुरस्कार प्राप्त किए हैं।
प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध में गोरखा जवानों का योगदान ऐतिहासिक रहा।
स्वतंत्र भारत में भी गोरखा सैनिकों ने युद्ध और शांति अभियानों में अतुलनीय भूमिका निभाई।
वर्तमान समय में करीब 40 हजार गोरखा सैनिक भारतीय सेना के माध्यम से राष्ट्र सेवा में हैं।
सौ साल पुराना गोरखा युद्ध स्मारक
गोरखपुर का गोरखा भर्ती डिपो 1866 में स्थापित हुआ था और यह देश का सबसे पुराना भर्ती डिपो है। यहां 1925 में प्रथम विश्व युद्ध में गोरखा जवानों के योगदान की स्मृति में युद्ध स्मारक स्थापित हुआ। इसमें अब तक आठ रणबांकुरों की कांस्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जिनमें शामिल हैं—
फील्ड मार्शल मानेकशॉ
परमवीर चक्र विजेता कैप्टन जीएस सलारिया
लेफ्टिनेंट कर्नल धन सिंह थापा
कैप्टन मनोज पांडेय
अशोक चक्र विजेता लेफ्टिनेंट कर्नल जेआर चिटनिस
लेफ्टिनेंट पुनीत नाथ दत्त
मेजर मान बहादुर राय
नायक नर बहादुर