गोरखपुर। गुलरिहा पुलिस ने आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट कर माहौल बिगाड़ने और विरोध जताने पर जानलेवा हमला करने के आरोप में तीन वयस्कों को गिरफ्तार कर जेल भेजा और एक बाल अपचारी को किशोर न्यायालय में पेश कर सुध...
गोरखपुर। गुलरिहा पुलिस ने आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट कर माहौल बिगाड़ने और विरोध जताने पर जानलेवा हमला करने के आरोप में तीन वयस्कों को गिरफ्तार कर जेल भेजा और एक बाल अपचारी को किशोर न्यायालय में पेश कर सुधार गृह भेज दिया। मामला गुलरिहा थाना क्षेत्र के जंगल हरपुर का है।
जानकारी के अनुसार, 12 अक्टूबर को जंगल हरपुर निवासी अनुज कुमार ने शिकायत दर्ज कराई कि कुछ युवक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पुराने वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर आपत्तिजनक बातें पोस्ट कर रहे थे। जब अनुज और उनके दोस्त प्रदीप ने इस पर विरोध जताया, तो आरोपियों ने उन्हें पहले फोन पर गाली दी। इसके बाद रास्ते में रोककर बांका, तलवार, छुरी और हॉकी से जानलेवा हमला करने का प्रयास किया।
हमले के दौरान अनुज और प्रदीप किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे। उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर गांव वाले घटनास्थल पर इकट्ठा हो गए, जिससे हमलावर जानलेवा धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने 14 अक्टूबर को दोपहर में फुलवरिया रोड नहर पुलिया के पास आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपितों में शमशेर आलम (21), आफताब (20) और शहबान (24) शामिल हैं। सभी आरोपी जंगल हरपुर, थाना गुलरिहा के निवासी हैं। इसके अलावा पुलिस ने एक बाल अपचारी को भी पकड़ा, जिसे किशोर न्यायालय में पेश करने के बाद सुधार गृह भेज दिया गया।
घटना की जांच में पुलिस ने आरोपियों के पास से एक बांका, एक हॉकी, टूटा हुआ हॉकी और एक छुरा बरामद किया। अधिकारीयों ने बताया कि ये सभी उपकरण हमले में इस्तेमाल किए गए थे। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ गुलरिहा थाना में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और मामले की जांच जारी है।
गुलरिहा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि इस प्रकार की घटनाओं और आपत्तिजनक पोस्टों के संबंध में तुरंत थाने को सूचना दें। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी भी आपत्तिजनक सामग्री के माध्यम से जनता में भय या अफरातफरी फैलाने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना से इलाके में सुरक्षा और सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आगे इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए सक्रिय निगरानी रखी जाएगी और सभी आरोपियों को कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।