गोरखपुर। आईटीएम गीडा के प्रबंध तंत्र पर छात्रों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि एसी क्लासरूम के नाम पर भारी फीस वसूलने के बाद अब उन्हें उमस भरे नॉन-एसी कमरों में बैठने को मजबूर किया जा रहा है। पिछले कुछ दिन...
गोरखपुर। आईटीएम गीडा के प्रबंध तंत्र पर छात्रों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि एसी क्लासरूम के नाम पर भारी फीस वसूलने के बाद अब उन्हें उमस भरे नॉन-एसी कमरों में बैठने को मजबूर किया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से इसी मुद्दे को लेकर छात्रों और कॉलेज प्रबंधन के बीच तनाव बना हुआ है।
अभिभावकों का कहना है कि उन्होंने बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाओं के लिए भारी-भरकम फीस अदा की, लेकिन अब व्यवस्थाओं में मनमानी की जा रही है।
शीशा फेंककर छात्र पर हमला, हत्या का प्रयास का आरोप
24 सितंबर की दोपहर लगभग 12 बजे आईटीएम गीडा के बीटेक तृतीय वर्ष के छात्र विजय कुमार गुप्ता पर कथित रूप से प्रबंध तंत्र और एचओडी एमबीए की संलिप्तता में शीशा फेंककर हमला किया गया। घायल छात्र को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पीड़ित के चाचा श्रीप्रकाश गुप्ता की तहरीर पर पुलिस ने कॉलेज प्रबंध तंत्र और एचओडी मनोज मिश्र के खिलाफ निम्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है:
साजिश
स्वेच्छा से चोट पहुंचाना
भरण-पोषण से संबंधित प्रावधान
विद्रोह को बढ़ावा देना
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जब वे कॉलेज प्रबंधन से वार्ता करने पहुंचे तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
छात्रों को धमकाने का नया आरोप भी उभरा
पूरे घटनाक्रम में कॉलेज की एक महिला शिक्षिका का नाम तेजी से सामने आ रहा है। छात्रों का कहना है कि अपनी मांगों को लेकर प्रबंधन के पास पहुंचने पर उक्त शिक्षिका ने उन्हें भविष्य बर्बाद कर देने की धमकी दी।
प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग
छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि:
एसी की सुविधा के नाम पर भारी फीस वसूली गई
अब गैर-एसी कमरों में कक्षाएं चल रही हैं
विरोध करने पर छात्रों को धमकाया जा रहा है
प्रबंधन की दबंगई से माहौल बिगड़ रहा है
यह मामला अब शिक्षा विभाग और प्रशासनिक जिम्मेदारों के लिए एक गंभीर जांच का विषय बन गया है। सवाल ये है कि जिस संस्थान पर भविष्य निर्माण की ज़िम्मेदारी है, वहां छात्रों को धमकाना, चोट पहुंचाना और तानाशाही जैसा व्यवहार आखिर कैसे स्वीकार्य है?