लखनऊ के सबसे सुरक्षित और संवेदनशील इलाकों में से एक विधानसभा मार्ग पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब बाराबंकी से आई तीन महिलाओं ने आत्मदाह करने का प्रयास किया। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों की सतर्कता से महि...
लखनऊ के सबसे सुरक्षित और संवेदनशील इलाकों में से एक विधानसभा मार्ग पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब बाराबंकी से आई तीन महिलाओं ने आत्मदाह करने का प्रयास किया। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों की सतर्कता से महिलाओं की जान बचा ली गई। फिलहाल तीनों को हजरतगंज कोतवाली में ले जाकर पूछताछ की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर के वक्त अचानक तीन महिलाएं विधानसभा मार्ग पर पहुंचीं और अपने शरीर पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़कने लगीं। इससे पहले कि वे आग लगातीं, वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत हरकत में आकर उन्हें रोक लिया और मौके से हिरासत में लिया। मौके पर मौजूद लोगों में घटना को लेकर काफी हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में राहगीर वहां इकट्ठा हो गए।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, ये तीनों महिलाएं बाराबंकी जिले से लखनऊ पहुंची थीं और उनका किसी प्रशासनिक मुद्दे या न्याय की मांग को लेकर आत्मदाह करने का इरादा था। हालांकि, आत्मदाह के पीछे की असली वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है।
हजरतगंज कोतवाली में पुलिस उनसे लगातार पूछताछ कर रही है और उनकी पहचान की पुष्टि करने के साथ यह जानने का प्रयास कर रही है कि वे किसके खिलाफ प्रदर्शन करना चाहती थीं और उनके साथ कोई अन्य व्यक्ति तो नहीं था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला किसी जमीन विवाद, पारिवारिक झगड़े या प्रशासनिक लापरवाही से जुड़ा लग रहा है, लेकिन जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए विधानसभा मार्ग पर पुलिस बल की संख्या और बढ़ा दी गई है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी कई बार लोग अपनी समस्याओं को लेकर आत्मदाह का प्रयास कर चुके हैं, जिससे प्रदेश सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि पुलिस जांच के बाद इन महिलाओं की समस्या का क्या हल निकलता है और प्रशासन क्या कदम उठाता है।