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41 दिनों से जिले में डेरा डाले तीन हाथी

प्रकाशित: 02 Feb 2026

अनूपपुर। 02 फरवरी 2026

अनूपपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में पिछले 41 दिनों से विचरण कर रहे तीन हाथियों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बीते तीन दिनों से हाथी अलग-अलग समूहों में बंटकर रात के समय खेतों में घुसकर गेहूं, अरहर सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।

रविवार को एक हाथी सोनमौहरी बीट के जंगल में जबकि दो हाथी जैतहरी थाना क्षेत्र के धनगवां बीट के जंगल में विश्राम करते देखे गए। जानकारी के अनुसार, यह तीनों हाथी 23 दिसंबर की रात छत्तीसगढ़ के मरवाही वन परिक्षेत्र से होते हुए अनूपपुर जिले के जैतहरी क्षेत्र में प्रवेश किए थे।

रात में खेत, दिन में जंगल बना रहे ठिकाना

हाथियों का यह समूह दिन में जंगलों में विश्राम करता है और शाम ढलते ही शहडोल–मनेंद्रगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग को पार कर ग्रामीण इलाकों में पहुंच जाता है। विगत दिनों में छुलहा, भगतबांध, भोलगढ़, सीतापुर, पोंडी, खांडा, मानपुर और बरबसपुर सहित कई गांवों के खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाया गया है।

शनिवार की रात एक दांत वाला हाथी अलग होकर पोंडी बीट से निकलकर भोलगढ़, पसला और मैरटोला के खेतों में घुसा, जहां गेहूं और अरहर की फसल को चट कर गया। देर रात ग्रामीणों द्वारा ट्रैक्टर और शोर-शराबे से भगाने पर हाथी सोन नदी पार कर भगतबांध और अमगवां क्षेत्र में पहुंचा और रविवार सुबह सोनमौहरी के जंगल में जा छिपा।

वहीं दो अन्य हाथियों का समूह अमगवां, नयाटोला, पथरहा टोला, छुलहा और खिरनाटोला से होते हुए धनगवां बीट के जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहा है।

वन विभाग अलर्ट, ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील

हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग ने दो टीमें गठित की हैं, जो लगातार निगरानी कर रही हैं। साथ ही ग्रामीणों को रात में सतर्क रहने और अकेले खेत न जाने की हिदायत दी जा रही है।

लगातार हो रहे नुकसान के चलते कई गांवों के ग्रामीण रातभर जागकर अपने खेत और गांव की सुरक्षा करने को मजबूर हैं। खास बात यह है कि तीनों हाथी पिछले एक सप्ताह से जिला मुख्यालय अनूपपुर से मात्र 3 से 5 किलोमीटर की दूरी पर विचरण कर रहे हैं, जिससे खतरा और बढ़ गया है।