बंगले के मलबे में दबकर बुजुर्ग की दर्दनाक मौत, गमगीन हुआ गांव
बंगले के मलबे में दबकर बुजुर्ग की दर्दनाक मौत, गमगीन हुआ गांव
अछल्दा हादसा, गपकापुर गांव, बुजुर्ग की मौत, बंगला गिरा, औरैया समाचार, पुलिस जांच, पोस्टमार्टम
औरैया जनपद के अछल्दा थाना क्षेत्र के ग्राम गपकापुर में शुक्रवार को दर्दनाक हादसा हो गया। गांव के ही 80 वर्षीय बुजुर्ग छोटेलाल पुत्र संत सिंह की पुराने बंगले के मलबे में दबकर मौत हो गई। यह घटना सुबह लगभग साढ़े 11 बजे हुई, जब छोटेलाल अपने घर के पास बने ईंट और छप्पर से बने पुराने बंगले में सो रहे थे। अचानक जर्जर बंगला भरभराकर गिर पड़ा और बुजुर्ग मलबे में दब गए।
हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे। सभी ने मिलकर मलबा हटाकर बुजुर्ग को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। छोटेलाल ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। इस हादसे से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
घटना की सूचना मिलते ही अछल्दा थानाध्यक्ष पंकज मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं नायब तहसीलदार हरिकिशोर भी घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने ग्रामीणों से पूछताछ की और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए चिचौली भेज दिया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। छोटेलाल गांव में शांत स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। अचानक हुई इस दुर्घटना ने परिवार ही नहीं, पूरे गांव को हिला कर रख दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि बुजुर्ग अक्सर उसी बंगले में आराम किया करते थे, लेकिन किसी ने अंदाजा नहीं लगाया था कि वह जर्जर ढांचा कभी भी मौत का कारण बन सकता है।
गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह के जर्जर और खतरनाक मकानों की समय-समय पर जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बड़ी चेतावनी भी है कि पुराने और कमजोर मकान या बंगले कभी भी जानलेवा साबित हो सकते हैं। ग्रामीणों को चाहिए कि वे समय रहते ऐसे खतरनाक ढांचों को हटाने या ठीक कराने की दिशा में कदम उठाएं। फिलहाल इस दर्दनाक हादसे ने गपकापुर गांव को गमगीन कर दिया है।