स्वच्छ सर्वेक्षण में बांदा नगर को प्रथम पायदान पर लाने के लिए कार्यशाला का आयोजन
– विशेषज्ञ प्रवीण नायक ने दिया ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन का प्रशिक्षण, डीएम के निर्देश पर हुआ आयोजन
बांदा। शासन की मंशा के अनुरूप बांदा नगर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने तथा आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रथम पायदान पर लाने के उद्देश्य से सोमवार को महर्षि बामदेव सभागार, कलेक्ट्रेट में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन विषयक जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का आयोजन नगर पालिका अध्यक्ष मालती गुप्ता बासू एवं अपर जिलाधिकारी (वि/रा) कुमार धर्मेंद्र की अध्यक्षता में जिलाधिकारी जे. रीभा के निर्देशानुसार किया गया।
इस अवसर पर नोएडा से आए गार्बेज क्लीनिक के जनक एवं छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर मॉडल के निर्माता, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त विशेषज्ञ प्रवीण नायक ने प्रभावी कचरा प्रबंधन पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने घर-घर कचरा पृथक्करण, गीले कचरे से कम्पोस्ट तैयार करने, सूखे कचरे को मूल्यवान संसाधन में बदलने और स्वच्छता व्यवहार परिवर्तन के उपाय बताए।
प्रवीण नायक ने कहा कि यदि स्थानीय निकाय, स्वयं सहायता समूह और नागरिक मिलकर कार्य करें, तो बांदा को प्रदेश के अग्रणी स्वच्छ नगरों में शामिल किया जा सकता है।
कार्यशाला का उद्देश्य जनपद में स्वच्छता प्रबंधन प्रणाली को वैज्ञानिक ढंग से सुदृढ़ बनाना, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, अपशिष्ट से संसाधन निर्माण तथा सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना है।
नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि अंकित बासू ने सभी सफाई नायकों को वार्डवार प्रभावी एवं शत-प्रतिशत कूड़ा संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद बांदा ने यह संकल्प लिया कि वह स्वच्छता एवं जनसहभागिता को सशक्त करने हेतु इस प्रकार के प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करेगी।
कार्यशाला में जनपद के सभी अधिशाषी अधिकारी, सभासदगण, खाद्य एवं सफाई निरीक्षक हेमंत प्रसाद, देवेन्द्र कुमार, प्रधान लिपिक केदारनाथ, स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राहुल जैन, स्वच्छ भारत मिशन जियो स्टेट धीरज सिंह, एस.डी. सेवा संस्थान (NGO) की महिला सदस्य एवं नगर पालिका के समस्त सफाई नायक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय जिला कार्यक्रम प्रबंधक अभिषेक खरे द्वारा किया ग