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बांदा में युवक नदी में डूबा, परिजनों ने लगाया जाम

प्रकाशित: 03 Aug 2025

बांदा (उत्तर प्रदेश), जसपुरा:
बांदा जनपद के जसपुरा थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक युवक के नदी में डूबने की घटना के बाद प्रशासन की सुस्ती और रेस्क्यू टीम की देरी ने परिजनों और स्थानीय लोगों में गुस्सा भर दिया। लापरवाही के विरोध में शुक्रवार को मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने जाम लगा दिया, जिससे दोनों ओर कई दर्जन वाहन फंस गए, जिनमें दो एंबुलेंस भी शामिल थीं।

30 वर्षीय राधे वाल्मीकि, पुत्र दुर्जन, गुरुवार को अपने घर से कुछ दूरी पर बाढ़ का पानी देखने गया था। इसी दौरान अचानक नदी का जलस्तर बढ़ गया और वह उसमें डूब गया। पास में खड़े ग्रामीणों ने उसे बचाने का प्रयास किया, पर वे असफल रहे। घटना की सूचना स्थानीय पुलिस, तहसील प्रशासन और परिजनों को दी गई।

कस्बे के युवकों और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नदी में तलाश शुरू की। जसपुरा थाना प्रभारी अनिल कुमार अपनी टीम के साथ मौजूद रहे, लेकिन शाम तक रेस्क्यू टीम नहीं पहुंची। करीब 5 घंटे बाद टीम आई, लेकिन अंधेरा हो जाने के कारण वे वापस लौट गए और सुबह आने का आश्वासन दिया।

शुक्रवार को भी टीम दोपहर तक नहीं पहुंची, जिससे आक्रोशित परिजनों ने जसपुरा के पुराने बस स्टैंड के पास जाम लगा दिया। जाम 1:41 बजे से लेकर 2:45 बजे तक लगा रहा, जिससे यातायात बाधित हुआ। दो एंबुलेंस मरीजों के साथ फंस गईं।

प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। थाना प्रभारी अनिल कुमार और अन्य पुलिसकर्मियों ने परिजनों को समझा-बुझाकर जाम हटवाया। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार के जलशक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद मौके पर पहुंचे और जल्द रेस्क्यू टीम भेजने का आश्वासन देकर रवाना हो गए।

राधे वाल्मीकि की पत्नी का निधन एक साल पहले हो चुका था। उसके तीन छोटे बच्चे हैं — चार वर्षीय बेटी निधि, आठ साल का बेटा निखिल और एक साल का बेटा निहाल। वह मजदूरी कर परिवार का पेट पालता था।

घटना के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विशंभर प्रसाद निषाद, विधानसभा अध्यक्ष प्रमोद निषाद, बीडी प्रजापति और अन्य नेता परिजनों से मिलने पहुंचे और प्रशासन को फटकार लगाते हुए तत्काल रेस्क्यू व नाव भेजने की मांग की।