जसपुरा में दो दिवसीय विशाल मानसिक स्वास्थ्य एवं दृष्टिदोष नियंत्रण शिविर सम्पन्न
जसपुरा में दो दिवसीय विशाल मानसिक स्वास्थ्य एवं दृष्टिदोष नियंत्रण शिविर सम्पन्न
लगभग 200 मरीजों का हुआ उपचार, 111 मानसिक रोगियों का पंजीकरण
जसपुरा।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसपुरा में गुरुवार को दो दिवसीय मानसिक स्वास्थ्य शिविर एवं राष्ट्रीय दृष्टि विहीनता एवं दृष्टिदोष नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम टीम बांदा ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
शिविर का शुभारंभ उप जिलाधिकारी पैलानी अंकित वर्मा ने किया, जबकि तहसीलदार मोहम्मद मुस्तकीम विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला नोडल एनसीडी डॉ. मुकेश पहाड़ी एवं सीएचसी अधीक्षक डॉ. पवन कुमार भी मौजूद रहे।
मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. आलोक गुप्ता ने बताया कि मानसिक रोग किसी भी व्यक्ति को हो सकता है — उलझन, घबराहट, बेचैनी, नींद की कमी, भूत-प्रेत का साया महसूस होना, बुढ़ापे में भूलने की बीमारी या बच्चों का अत्यधिक जिद्दीपन — ये सभी मानसिक रोगों के लक्षण हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मरीज जिला चिकित्सालय पुरुष बांदा (कमरा संख्या 4, 5, 6) में निःशुल्क परामर्श व उपचार प्राप्त कर सकते हैं।
एसडीएम अंकित वर्मा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में इस प्रकार के शिविर अत्यंत आवश्यक हैं। मानसिक रोग को छिपाना नहीं चाहिए बल्कि समय रहते उपचार कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार बेहतर बना रही है।
क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. रिजवाना हाशमी ने नागरिकों की काउंसलिंग की।
अनुश्रवण एवं मूल्यांकन अधिकारी नरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि 10 अक्टूबर से 10 नवंबर तक विश्व मानसिक स्वास्थ्य पखवाड़ा मनाया जा रहा है।
साइकियाट्रिक नर्स त्रिभुवन नाथ ने लोगों को बताया कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी परेशानी के लिए टेली मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 पर कॉल किया जा सकता है।
दृष्टिदोष नियंत्रण शिविर में 25 नेत्र रोगियों की पहचान की गई तथा 70 वर्ष से अधिक आयु के 15 नागरिकों के आयुष्मान कार्ड निःशुल्क बनाए गए।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. पवन पटेल ने बताया कि शुक्रवार को भी इसी प्रकार का निःशुल्क शिविर आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मोतियाबिंद ऑपरेशन और आयुष्मान कार्ड निर्माण पूर्णतः निःशुल्क किए जा रहे हैं। बिंदकी जन सेवा कल्याण संस्थान के सहयोग से मोतियाबिंद मरीजों को निःशुल्क ऑपरेशन हेतु भेजा जाएगा।
शिविर में लेश प्रत्यारोपण विधि, काला मोतिया की जांच, आंख के तिर्यकपन तथा शुगर रोगियों की रेटिना जांच जैसी सेवाएं दी गईं।
डॉ. संदीप गुप्ता, डॉ. सुमन, डॉ. शशि चौहान, डॉ. राजाभइया, डॉ. सबीना, डॉ. अंकुर अवस्थी और डॉ. रिजवी ने संयुक्त रूप से लगभग 200 मरीजों का उपचार किया।
पंजीकरण कार्य अनुपम त्रिपाठी और अशोक कुमार द्वारा सम्पन्न कराया गया।
कुल 111 मानसिक रोगियों का पंजीकरण किया गया, जिनमें से 24 मरीजों को जिला चिकित्सालय बांदा में आगे के उपचार हेतु संदर्भित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन बीपीएम स्वप्निल गुप्ता ने किया।
शिविर के समापन पर अधीक्षक डॉ. पवन कुमार ने सभी अतिथियों, चिकित्सकों एवं स्टाफ का आभार व्यक्त करते हुए नागरिकों से आग्रह किया कि मानसिक एवं नेत्र रोगों से ग्रसित व्यक्ति जिला अस्पताल जाकर निःशुल्क उपचार क्रराए ।