संचारी रोग नियंत्रण हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से करें : डीएम
5 से 31 अक्टूबर तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान, 11 से 31 अक्टूबर तक दस्तक अभियान
बांदा। जिलाधिकारी जे. रीभा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में संचारी रोग नियंत्रण और दस्तक अभियान की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा हुई। डीएम ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि अभियान से संबंधित कार्ययोजना 28 सितम्बर तक मुख्य चिकित्सा अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
घर-घर जागरूकता और माइक्रोप्लानिंगडीएम ने बताया कि दस्तक अभियान के दौरान आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को संचारी रोगों के प्रति जागरूक करेंगी। खंड विकास अधिकारियों और अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधान व सचिव तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड सदस्यों के सहयोग से माइक्रोप्लान तैयार किया जाए।
सफाई, फॉगिंग और पेयजल व्यवस्थाजिलाधिकारी ने नाले-नालियों की सफाई, फॉगिंग, एंटी-लार्वा छिड़काव और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित कराने पर जोर दिया। विशेषकर हाई-रिस्क क्षेत्रों और मलिन बस्तियों में सफाई व्यवस्था और नियंत्रण कार्यवाही पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
विभागों के बीच समन्वय और प्रशिक्षणडीएम ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग नोडल विभाग के रूप में कार्य करेगा और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगा। प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के कार्यों की समीक्षा और आवश्यक प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए गए।
पशुपालन और नगर विकास विभाग की जिम्मेदारीमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी व नगर निकाय अधिकारियों को गौशालाओं और सुअर बाड़ों की सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। नगर विकास विभाग को शहरी क्षेत्रों में फॉगिंग, अशुद्ध जल वाले हैंडपम्पों को लाल निशान लगाने, नालियों की सफाई, कचरे की उठान और पेयजल की गुणवत्ता जांच कराने के लिए निर्देशित किया गया।
व्यापक जनजागरूकता अभियानडीएम ने संचारी रोगों से बचाव हेतु पीए सिस्टम से जिंगल तैयार कर प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम स्तर पर स्वच्छता, हाथ धोने, शौचालय उपयोग और जल निकासी पर जोर देते हुए जनजागरूकता अभियान चलाने को कहा। वीएचएनडी के माध्यम से “क्या करें-क्या न करें” का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित कराने पर बल दिया गया।
बैठक में शामिल अधिकारीबैठक में मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार पाण्डेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजेंद्र सिंह, नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।