आयुक्त द्वारा विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यों का औचक निरीक्षण
आयुक्त द्वारा विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यों का औचक निरीक्षण
– बीएलओ के कार्यों का मौके पर जाकर किया अवलोकन
बांदा। रविवार को आयुक्त अजीत कुमार ने तहसील सदर एवं तहसील पैलानी में चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (Special Summary Revision) कार्यों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कंट्रोल रूम, डिजिटाइजेशन कार्य तथा फील्ड में कार्यरत बीएलओ के कामकाज का विस्तृत अवलोकन किया।
तहसील सदर में स्थापित कंट्रोल रूम के निरीक्षण में दो महिला लेखपाल तो फार्म संग्रह कार्य में उपस्थित मिलीं, लेकिन डिजिटाइजेशन से सम्बंधित कोई कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं था। इसके बाद आयुक्त ने जिला कॉन्टैक्ट सेंटर का निरीक्षण किया, जहाँ दो कर्मचारी उपस्थित मिले। कर्मचारियों ने बताया कि दूरभाष एवं ऑनलाइन माध्यम से अब तक 126 कॉल प्राप्त हुई हैं, जिनका निस्तारण किया जा रहा है।
आयुक्त ने इसके पश्चात क्षेत्र में सक्रिय बीएलओ के कार्यों का निरीक्षण किया।
- जसवंत सिंह परिहार, भाग संख्या 41 स्वराज कालोनी ने बताया कि उनके बूथ पर 1006 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें से 200 फार्म संग्रहित हो चुके हैं।
- रवि गुप्ता, भाग संख्या 40 कालूकुआँ के बूथ पर 1100 मतदाताओं के सापेक्ष 127 फार्म एकत्र किए गए हैं।
कार्य की धीमी प्रगति पर आयुक्त ने उपजिलाधिकारी सदर को निर्देशित किया कि बीएलओ के कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए और मानव संसाधन की पर्याप्त व्यवस्था कर निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण कराया जाए। उन्होंने यह भी चेताया कि सुधार न होने पर प्रतिकूल कार्यवाही की जाएगी।
इसी क्रम में आयुक्त ने तहसील पैलानी के कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया, जहाँ 10 कर्मचारी कार्यरत मिले। बताया गया कि अब तक 2000 फार्म डिजिटाइज्ड किए जा चुके हैं तथा 800 फार्म का डिजिटाइजेशन कार्य जारी है।
फील्ड निरीक्षण के दौरान बीएलओ अभिलाषा (भाग संख्या 2, पिपरहरी क्षेत्र, तिंदवारी) के बूथ पर कुल 1372 मतदाताओं में से मात्र 50 फार्म संग्रहित पाए गए। इस धीमी प्रगति पर आयुक्त ने उपजिलाधिकारी पैलानी को भी कड़ी निर्देश दिए कि फील्ड कार्य की सतत समीक्षा करें और निर्धारित समयावधि में कार्य पूरा कराएँ, अन्यथा कार्यवाही निश्चित होगी।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी की मंशा मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाना है, ताकि हर पात्र नागरिक का नाम निर्वाचक नामावली में दर्ज हो सके। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण लोकतांत्रिक व्यवस्था की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों व फील्ड कर्मियों की सामूहिक जिम्मेदारी है कि यह कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा हो।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी अधिकारी गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ इस महत्वपूर्ण कार्य को पूरा करेंगे और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूती दें।