राज्यपाल ने 350 छात्र-छात्राओं को दी उपाधियां
– 19 मेधावियों को स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक प्रदान किया गया
– बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय का 11वां दीक्षांत समारोह संपन्न
बांदा। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने गुरुवार को बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह का शुभारंभ किया। समारोह के दौरान विभिन्न संकायों के 350 छात्र-छात्राओं को उपाधियां तथा 19 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक प्रदान किए गए। इस अवसर पर नवनिर्मित आर्ट गैलरी एवं म्यूजियम का उद्घाटन भी राज्यपाल द्वारा किया गया।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि कृषि शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है, जो समाज के लिए सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि “जहां नारी है, वहीं सृजन है”, इसलिए महिलाओं को कृषि अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी विकास में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।
‘धन धान्य योजना’ किसानों के लिए वरदानराज्यपाल ने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा 24 हजार करोड़ रुपये की ‘धन धान्य योजना’ की शुरुआत की गई है, जो किसानों की आय दोगुनी करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगी। यह योजना प्रदेश के 12 जनपदों में संचालित की जाएगी।
उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को सुझाव दिया कि छात्रों को इस योजना से जोड़ा जाए और उन्हें रिसर्च व प्रोजेक्ट कार्यों में सहभागी बनाया जाए।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि रासायनिक खादों का अत्यधिक उपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, इसलिए प्राकृतिक एवं आर्गेनिक खेती को अपनाना समय की मांग है।
बुंदेलखंड क्षेत्र में गौ-आधारित खेती और जल संरक्षण मॉडल लागू करने पर उन्होंने विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा 24 बड़े तालाबों का निर्माण कराया गया है, जिससे वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को सिंचाई में बड़ी सहायता मिलेगी।
राज्यपाल ने बताया कि विश्वविद्यालय में अगले सत्र से पशु चिकित्सा (Veterinary) पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। साथ ही, आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छता, पोषण और संसाधन उपलब्ध कराने को लेकर भी विशेष पहल की जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को खिलौने, साइकिल, किताबें, कुर्सी-मेज एवं स्टेशनरी किट वितरित की गईं। राजभवन से प्राप्त पुस्तक सेट जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी को सौंपे गए।
पूसा कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली के निदेशक चिरूपमल्ली निवास राव ने विद्यार्थियों को जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि बांदा कृषि विश्वविद्यालय आईएआरआई पूसा के साथ संयुक्त शोध कार्यक्रम संचालित करता है, तो कृषि अनुसंधान के नए आयाम स्थापित किए जा सकते हैं।
उन्होंने मिट्टी परीक्षण, माइक्रो इरिगेशन, सोलर एनर्जी और एग्रीकल्चर बिजनेस मैनेजमेंट पर फोकस करने की आवश्यकता जताई।
कार्यक्रम में कुलपति प्रो.(डा.) एस.वी.एस. राजू, कुलसचिव डा. एस.के. सिंह, पद्मश्री उमाशंकर पांडेय, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल अजीत कुमार, डीआईजी राजेश एस, जिलाधिकारी जे. रीभा, पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल, विधायक नरैनी ओममणि वर्मा, प्रबंध परिषद के सदस्य, विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां मौजूद रहीं