ग्रामीण पत्रकारों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
- पत्रकारों ने 10 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा
- सीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा
बांदा। जिले के ग्रामीण पत्रकारों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और कल्याण से जुड़ी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। यह ज्ञापन उप जिलाधिकारी इरफान उल्ला खान के माध्यम से सौंपा गया।
ज्ञापन में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन से जुड़े पत्रकारों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में कार्य करने वाले पत्रकार विपरीत परिस्थितियों के बावजूद लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं। वे जनता की समस्याओं को शासन तक पहुंचाने और सरकार की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
पत्रकारों ने अपनी 10 प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें—
- लखनऊ में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के लिए कार्यालय भवन का आवंटन,
- मान्यता प्राप्त पत्रकारों की तरह आयुष्मान भारत योजना का लाभ,
- बीमा व पेंशन योजना में शामिल करना,
- पत्रकारों के विरुद्ध अनावश्यक उत्पीड़न रोकने के लिए प्राथमिकी से पहले जांच कराना,
- प्राकृतिक आपदा या दुर्घटना में दिवंगत पत्रकार के परिजनों को 5 लाख रुपये की सहायता,
- मुख्यमंत्री राहत कोष से 20 लाख रुपये की मदद,
- फर्जी पत्रकारों पर कड़ी कार्रवाई,
- जिला स्तर पर स्थायी समिति बनाकर असली और नकली पत्रकारों की पहचान सुनिश्चित करना,
जैसी मांगें प्रमुख रहीं।
ज्ञापन देने वालों में एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष राहुल निगम, महामंत्री शिवम सिंह, तोप सिंह, मु. यासिर, रज्जब खान, नरेंद्र सिंह गौतम, मान्यता प्राप्त पत्रकार इकबाल खान, अवधेश शिवहरे, धीरज शर्मा, अनुपम गुप्ता, अंकुर कसौधन, सरताज शाह, राम पूजन गुप्ता, बृज गोपाल गुप्ता, इंद्रजीत कुशवाहा, राजेंद्र कुमार, सीरज ध्वज तिवारी, महबूब अहमद, अवधेश तिवारी, शरद गुप्ता, लक्ष्मीकांत गुप्ता, जगत नारायण शास्त्री, गौरी शंकर गुप्ता, दिनेश कुमार गुप्ता, राकेश सिंह कछवाह, अरविंद कुमार, शानू वर्मा, संजूल द्विवेदी, हरिओम बाजपेई, आशीष गुप्ता, अहसान अली, रामबाबू विश्वकर्मा, श्रीराम गुप्ता, विनय कुमार, राजाराम राही समेत बड़ी संख्या में पत्रकार शामिल रहे।