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सादी मदनपुर खदान में खुलेआम उड़ रही नियमों की धज्जियां

प्रकाशित: 26 Nov 2025

सादी मदनपुर खदान में खुलेआम उड़ रही नियमों की धज्जियां,बालू माफिया कर रहे सरकार की छवि धूमिल

बांदा। जनपद मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर चिल्ला क्षेत्र स्थित सादी मदनपुर बालू खदान में नियमों को दरकिनार कर बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा है।सीमांकन रेखा से हटकर यमुना नदी के प्राकृतिक धरातल को भारी मशीनों से रात-दिन छलनी किया जा रहा है। प्रतिदिन सैकड़ों ओवरलोड ट्रक बिना रवन्ना के खदान से निकलते हैं, जिससे सरकार को लाखों रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है। हैरानी की बात है कि खनिज विभाग सब कुछ जानने के बावजूद मौन साधे हुए है, जिससे माफियाओं के हौसले और बुलंद होते जा रहे हैं।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार खदान में ‘खुला खेल फर्रूख्खाबादी’ की तर्ज पर वैधता की आड़ में अवैध खनन का धंधा चरम पर है। मुख्यमंत्री द्वारा जीरो टॉलरेंस की नीति लागू करने और भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े निर्देशों के बावजूद इस खदान में माफियाओं पर कोई असर नहीं दिख रहा। ग्रामीण आरोप लगाते हैं कि खदान का धर्मकांटा मात्र दिखावा है—कुछ ट्रकों को तौलकर रूटीन पूरा दिखाया जाता है, जबकि अधिकांश ओवरलोड ट्रकों को तौल केंद्र के बगल से ही निकाल दिया जाता है।

ग्रामीण सूरजदीन, मनोज, कमलेश कुशवाहा, नीलू राजपूत आदि ने बताया कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद खनिज विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। विरोध करने पर माफिया गैंग बंदूक की नोक पर धमकाता है। शाम होते ही बंदूकधारी और डंडाधारी गुर्गे पूरे क्षेत्र पर कब्जा कर लेते हैं और ग्रामीणों की आवाजाही पर रोक लगा देते हैं। शहर से दूर होने के कारण रात में अधिकारी भी मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंचते और पूरी रात अवैध खनन का खेल चलता रहता है।

नदी की धार और कगारों से बेलगाम खनन से पर्यावरणीय खतरा गहरा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यही स्थिति बनी रही तो नदी का अस्तित्व ही खत्म हो सकता है। कुल मिलाकर, खनिज विभाग की उदासीनता और प्रशासनिक ढील से बालू कारोबारियों के हौसले आसमान पर हैं और मुख्यमंत्री की ईमानदार छवि पर लगातार धब्बा लगा रहे हैं।