कम्युनिटी लीडर्स ने बैंक व डाकघर में लिया व्यवहारिक प्रशिक्षण
कम्युनिटी लीडर्स ने बैंक व डाकघर में लिया व्यवहारिक प्रशिक्षण
- सरकारी योजनाओं और वित्तीय सेवाओं को समझा
- वनांगना संस्था द्वारा 15 गांवों के लीडर्स का शैक्षणिक भ्रमण
बांदा। महिला सशक्तिकरण एवं बौद्धिक विकास की दिशा में कार्य कर रही वनांगना संस्था द्वारा समुदाय में नेतृत्व कर रही किशोरियों और युवाओं को कम्युनिटी लीडर के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसी उद्देश्य से संस्था की ओर से 15 गांवों के लगभग 30 कम्युनिटी लीडर्स को बैंक और डाकघर का शैक्षणिक भ्रमण (Exposure Visit) कराया गया।
बैंक में सीखी वित्तीय साक्षरतामंगलवार को लीडर्स ने नरैनी के अतर्रा रोड स्थित आर्यवर्त ग्रामीण बैंक का भ्रमण किया। इस दौरान बैंक के फील्ड ऑफिसर सुजीत राजवर ने उन्हें बैंकिंग प्रक्रियाओं की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बैंक में तीन प्रकार के खाते होते हैं –
- बचत खाता (Savings Account)
- समूह खाता (Group Account)
- स्कॉलर खाता (Scholar Account)
स्कॉलर खाते से जुड़ी जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि यदि खाते में 50 हजार रुपये जमा हैं तो केवल 10 हजार ही निकाले जा सकते हैं, जिससे बचत की प्रवृत्ति मजबूत होती है। युवा लीडर्स ने पासबुक, एटीएम और खाते संचालन से जुड़े सवाल भी पूछे।
डाकघर में समझी योजनाएंभ्रमण के दौरान समुदायिक लीडर्स ने डाकघर का निरीक्षण किया। यहां डाक सहायक विशाल ने डाकघर में संचालित सरकारी बचत योजनाओं की जानकारी दी।
विशेष रूप से उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में बताया—
"बेटी की आयु 10 वर्ष होने पर माता-पिता उसके नाम से खाता खुलवाकर आरडी शुरू कर सकते हैं। 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर जमा राशि का लगभग दोगुना भुगतान किया जाता है।"
उन्होंने डाकघर के पुराने व नए स्वरूप को समझाते हुए कहा कि पहले चिट्ठी और मनीऑर्डर का चलन था, जिसे पोस्टमैन घर-घर पहुंचाता था, अब इसी व्यवस्था को कोरियर सर्विस और डिजिटल लेनदेन ने काफी हद तक बदल दिया है।
लीडर्स ने बढ़ाया ज्ञानइस भ्रमण में पहली बार शामिल हुए कई लीडर्स ने कहा कि उन्हें बैंक और डाकघर की वास्तविक कार्यप्रणाली को समझने का मौका मिला, जो अब तक सिर्फ सुनने या किताबों तक सीमित था।
ये रहे शामिलकम्युनिटी लीडर्स आरती, बबली, अल्फिया, रीमा, महक, मंजू, राहुल, दीपक, पंकज, अरविंद, लोकेश सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
संपूर्ण कार्यक्रम की व्यवस्थाएं संस्था की कार्यकर्ता शोभा देवी और फरजाना ने संभालीं।