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डिजिटल हिंसा के विरोध में महिलाओं ने भरी हुंकार

प्रकाशित: 28 Nov 2025

डिजिटल हिंसा के विरोध में महिलाओं ने भरी हुंकार
– रैली निकालकर ग्रामीणों को किया जागरूक
– मानवाधिकार दिवस के साथ महिला संस्था वनांगना का 16 दिवसीय अभियान शुरू

नरैनी। महिला संस्था वनांगना द्वारा संचालित “तरंग–मेरे सपने मेरी उड़ान” कार्यक्रम के तहत गुरुवार को 16 दिवसीय अभियान की शुरुआत जमवारा गांव में की गई। इस कार्यक्रम में किशोर, किशोरियों और सामुदायिक लीडर्स को डिजिटल हिंसा, साइबर अपराध और उससे बचाव की जानकारी वीडियो प्रदर्शन के माध्यम से दी गई।

वनांगना की निदेशक पुष्पा शर्मा ने कहा कि भाषा, धर्म, नस्ल, रंग, लिंग, विचार और संपत्ति के आधार पर किसी भी व्यक्ति के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। इसी उद्देश्य से मानवाधिकारों की स्थापना की गई है। जूनियर विद्यालय परिसर में करीब 100 किशोर–किशोरियों और समुदायिक लीडर्स को डिजिटल हिंसा के खतरों तथा साइबर सुरक्षा के तरीकों पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर कोई अपराध करता है तो उससे डरें नहीं, बल्कि तुरंत अपने अभिभावक या संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।

कार्यक्रम के दौरान लीडर्स द्वारा रैली निकालकर महिलाओं के खिलाफ हिंसा के विरोध में नारे लगाए गए। ग्रामीणों, दुकानदारों और राहगीरों को पर्चे बांटकर मानवाधिकारों और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। महिलाओं के पैनल ने अपने अनुभव साझा किए।

संकुल प्रभारी खालिद खान ने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने महिलाओं को हिंसा के विरुद्ध आवाज उठाने हेतु प्रेरित किया। सीनियर कार्यकर्ता शोभा देवी ने कहा कि लिंग आधारित डिजिटल हिंसा पर मिलकर आवाज उठाना समय की जरूरत है। अंत में सभी ने हस्ताक्षर कर हिंसा समाप्त करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में सहायक टीचर्स राधा, शाहीन, श्यामकली, फरजाना, दीपक, आतिफा, आरती, शिफा, सहबा, तहमीना सहित कई महिलाएं उपस्थित रही।