जहांगीराबाद में अवैध प्रसव के दौरान नवजात शिशु की मौत का मामला
जहांगीराबाद क्षेत्र के ग्राम रूठा निवासी प्रसव पीड़िता महिला के साथ हुए अमानवीय प्रकरण ने अब तूल पकड़ लिया हैं। जहांगीराबाद के नई बस्ती में अवैध ठिकाने पर कराए गए प्रसव के दौरान एक नवजात शिशु की निर्मम हत्या किए जाने का आरोप लगा है। पीड़ित परिजनों ने आशा कार्यकर्ता और अवैध रूप से प्रसव कराने वाली महिला (दाई) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जबरन प्रसव कराने के प्रयास में नवजात की गर्दन काट दी गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पीड़ित पक्ष द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार 25 जनवरी की सुबह गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा हुई। आरोप है कि आशा कार्यकर्ता ने सरकारी अस्पताल ले जाने के बजाय एक गैरकानूनी और अवैध ठिकाने पर प्रसव कराने के लिए बुला लिया। हालत सामान्य न होने के बावजूद जबरदस्ती प्रसव कराया गया। स्थिति बिगड़ने पर आरोपी महिला ने इंसानियत की हदें पार करते हुए वहां से फरार हो गई और गर्भवती महिला को मौत के मुंह में छोड़कर भाग निकलीं। गंभीर अवस्था में पीड़िता को पहले बुलन्दशहर अस्पताल और फिर मेरठ मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां 26 जनवरी को नवजात के शव का पोस्टमार्टम किया गया।
मामले को लेकर पीड़ित परिजनों में जबरदस्त आक्रोश है। परिजनों ने दो टूक कहा है कि जब तक नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक नवजात शिशु का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। कोतवाली प्रभारी संजेश कुमार के समझाने पर मुश्किल से माने परिजनों ने नवजात शिशु का अंतिम संस्कार किया।
वे गिरफ्तारी के लिए रात से ही पुलिस टीम दबिश दे रही हैं। आरोपी फरार हैं। शीघ्र गिरफ्तारी कर ली जाएगी। घटना के दोषियों को बख्शा नही जाएगा।