जातिगत जनगणना पर केंद्रित हुई ऐतिहासिक बैठक
रिपोर्ट: रविंद्र आर्य
नई दिल्ली | 7 अगस्त 2025
भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में आज एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें महर्षि बाल्मीकि महापंचायत से जुड़े हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पंजाब के प्रमुख समाजसेवी शामिल हुए।
इस बैठक की अध्यक्षता भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लाल सिंह आर्य ने की, जबकि महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र चौधरी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक का उद्देश्य था—बाल्मीकि समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक उत्थान की रणनीति तय करना और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित जातिगत जनगणना पर समाज का साझा मत प्रस्तुत करना।
श्री सुरेन्द्र चौधरी ने कहा,
“यह समाज आज भी मुख्यधारा से बहुत पीछे छूट गया है। इसके विकास के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति, योजनाबद्ध प्रयास और संवेदनशील नेतृत्व की आवश्यकता है।”
बैठक में उपस्थित सभी प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिए गए जातिगत जनगणना के ऐतिहासिक निर्णय का खुले मन से स्वागत किया।
जातिगत जनगणना का बाल्मीक समाज ने मोदी का आभार व्यक्त किया।
सभी वक्ताओं ने इसे वंचित समाजों के लिए निर्णायक पहल बताते हुए कहा कि यह जनगणना सामाजिक और आर्थिक विषमताओं को दूर करने में सहायक होगी।
“जातिगत जनगणना हमारे समाज के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है, जो दशकों की अनदेखी और उपेक्षा को समाप्त कर सकता है,” – महापंचायत प्रतिनिधियों का स्पष्ट मत।
लाल सिंह आर्य ने जातिगत जनगणना को बताया सामाजिक न्याय की आधारशिला
बैठक को संबोधित करते हुए श्री लाल सिंह आर्य ने कहा:
“महर्षि बाल्मीकि न केवल एक महाकाव्यकार थे, बल्कि वे सामाजिक क्रांति के प्रतीक हैं। आज उनके वंशजों को भी सम्मान, अवसर और प्रतिनिधित्व की उतनी ही आवश्यकता है, जितनी किसी और को।”
उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना सिर्फ आँकड़ों का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की नींव है।
उन्होंने आश्वस्त किया कि भाजपा का SC मोर्चा बाल्मीकि समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए हरसंभव नीति-निर्धारण में भागीदारी करेगा।
मुख्य बिंदु जो बैठक में चर्चा का केंद्र बने:
* जातिगत जनगणना की आवश्यकता और सामाजिक न्याय में उसका योगदान
* बाल्मीकि समाज को शिक्षा, नौकरियों और राजनीतिक भागीदारी में समुचित अवसर
* सफाईकर्मियों और सामाजिक रूप से वंचित तबकों के लिए विशेष कौशल विकास योजनाएं
* महर्षि बाल्मीकि की गौरवशाली परंपरा को पुनः स्थापित करने हेतु सांस्कृतिक अभियानों की मांग
* केंद्र सरकार से एक विशेष मंत्रालय या बोर्ड की स्थापना की माँग, जो सिर्फ बाल्मीकि समाज से संबंधित योजनाओं पर कार्य करे
भाजपा सरकार से अपेक्षाएं और समाज की ओर से प्रस्ताव
बाल्मीकि समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने सरकार से अपनी अपेक्षाएँ स्पष्ट रूप से रखते हुए कहा कि:
* जातिगत जनगणना के आँकड़ों के आधार पर योजनाओं का पुनर्गठन किया जाए
* केंद्र और राज्य स्तर पर बाल्मीकि प्रतिनिधित्व को बढ़ावा देने की प्रक्रिया तेज की जाए
* मलिन बस्तियों, झुग्गियों और सफाईकर्मियों की दशा सुधारने हेतु विशेष बजट निर्धारित हो
* शैक्षणिक संस्थानों में बाल्मीकि समाज के छात्रों को विशेष छात्रवृत्तियाँ और आरक्षण मिले
अंतिम संदेश: मोदी सरकार को आभार और विकास की अपील
बैठक का समापन करते हुए महापंचायत और SC मोर्चा के नेताओं ने एक स्वर में कहा कि
“अब समय आ गया है जब सिर्फ राजनीतिक समर्थन नहीं, आर्थिक सशक्तिकरण, सामाजिक सम्मान और व्यावहारिक नीतियाँ ही समाज को आगे बढ़ा सकती हैं।”
बाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को जातिगत जनगणना के निर्णय के लिए धन्यवाद देते हुए इसे वंचितों के सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर बताया।
उन्होंने भाजपा नेतृत्व से अपील की:
“बाल्मीकि समाज को भारत के विकास के केंद्र में लाने के लिए अब ठोस और समयबद्ध कार्यवाही ज़रूरी है।”
लेखक: रविंद्र आर्य
स्वतंत्र पत्रकार एवं राष्ट्रवादी विचारक