दिल्ली। देशभर में 26 BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) की मौत की खबर ने चुनावी व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। लगातार बढ़ती घटनाओं को देखते हुए मैदान में ड्यूटी निभा ...
दिल्ली। देशभर में 26 BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) की मौत की खबर ने चुनावी व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। लगातार बढ़ती घटनाओं को देखते हुए मैदान में ड्यूटी निभा रहे BLOs के सिर पर मानो मौत का साया मंडरा रहा है। इन मौतों को लेकर राजनीतिक घमासान भी तेज हो गया है, जहां विपक्ष सरकार पर लापरवाही और संवेदनहीनता का आरोप लगा रहा है।
कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए, क्योंकि चुनावी प्रक्रिया में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और चुनाव आयोग दोनों की जिम्मेदारी है।
AICC सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेट ने कहा कि देश में हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि “DEADLY SIR” जैसा माहौल बन गया है, जहां BLOs जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर हैं।
सुप्रिया श्रीनेट ने आरोप लगाया कि जहां एक ओर 26 परिवार अपने प्रियजनों को खोकर दुख में डूबे हुए हैं, वहीं BJP के नेता गैर-जरूरी मुद्दों को उछालकर देश का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि आखिर इतने BLOs की मौत किन परिस्थितियों में हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव ड्यूटी कोई युद्ध नहीं है कि कर्मचारियों को अपनी जान गंवानी पड़े। सुप्रिया श्रीनेट ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से तुरंत स्थिति स्पष्ट करने, जिम्मेदारी तय करने और BLOs की सुरक्षा मजबूत बनाने की मांग की है।