दिल्ली यमुना आरती के साथ नई सरकार का आगाज
दिल्ली की नवगठित भाजपा सरकार के लिए यमुना नदी की सफाई सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। गुरुवार को शपथ लेने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपने सभी कैबिनेट सहयोगियों के साथ वासुदेव घाट पहुंचीं, जहां उन्होंने यमुना आरती की। इस आयोजन ने सरकार की यमुना स्वच्छता अभियान के प्रति प्रतिबद्धता को स्पष्ट कर दिया।
यमुना आरती के तुरंत बाद पहली कैबिनेट बैठक आयोजित की गई, जिसमें मंत्री प्रवेश वर्मा, मनजिंदर सिंह सिरसा, आशीष सूद, कपिल मिश्रा, रविंद्र इंद्रराज और पंकज कुमार सिंह शामिल हुए। ये सभी नेता रेखा गुप्ता के साथ मंत्री पद की शपथ ले चुके थे। इस अवसर पर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा समेत कई वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद भी उपस्थित रहे। मंत्रोच्चार के बीच यमुना आरती संपन्न हुई, जहां मुख्यमंत्री ने हाथ जोड़कर प्रार्थना की।
यमुना सफाई भाजपा के एजेंडे में शीर्ष पर
दिल्ली में बीते 10 वर्षों से सत्ता में रही आम आदमी पार्टी ने यमुना को स्वच्छ करने के कई वादे किए, लेकिन दो कार्यकाल बाद भी नदी की स्थिति जस की तस बनी रही। विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा ने इसे बड़ा मुद्दा बनाया था, और अब सरकार बनने के बाद इसे अपनी प्राथमिकता में रखा है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि उनकी सरकार प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन और भ्रष्टाचार मुक्त शासन के सपने को साकार करेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि दिल्ली में जनता के हर पैसे का हिसाब रखा जाएगा और अगले तीन वर्षों में यमुना को पूरी तरह स्वच्छ करने की रणनीति तैयार की गई है।
यमुना सफाई का कार्य हुआ तेज
विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद ही यमुना से गाद हटाने का काम शुरू कर दिया गया था। सरकार गठन से कुछ दिन पहले दिल्ली के उपराज्यपाल ने इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी। इसके बाद दिल्ली के विभिन्न इलाकों में यमुना से गाद और खरपतवार हटाने का काम तेज कर दिया गया है।
भाजपा सरकार का यह कदम दिल्ली में यमुना को निर्मल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि आने वाले वर्षों में यमुना स्वच्छता को लेकर सरकार गंभीर रूप से काम करेगी।