गाजियाबाद: सेवानिवृत्त अधिकारी की हत्या
गाजियाबाद के गोविंदपुरम में शुक्रवार देर रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्रालय से सेवानिवृत्त अधिकारी पाती सिंह (64) की उनकी विधवा बहू आरती ने बेरहमी से हत्या कर दी। जांच में सामने आया कि आरती ने पहले अपने बच्चों को एक कमरे में बंद किया और टीवी की आवाज तेज कर दी, ताकि वारदात की भनक किसी को न लगे।
पारिवारिक विवाद बना हत्या की वजह
मूल रूप से सहारनपुर निवासी पाती सिंह चार साल पहले रिटायर हुए थे। उनकी पत्नी और बेटे जितेंद्र की कोरोना से मौत के बाद वे अपनी विधवा बहू आरती और पोते-पोतियों के साथ रहते थे। कोर्ट के आदेश पर आरती कुछ समय पहले ही अपने ससुर के घर आई थी।
हत्या की रात की पूरी कहानी
शुक्रवार रात करीब 8 बजे आरती की अपने ससुर से कहासुनी हो गई। उसने पहले बच्चों को कमरे में बंद किया, फिर ग्राउंड फ्लोर पर स्थित ससुर के कमरे में जाकर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया।
इसके बाद उसने ससुर के कपड़े उतारे और क्रिकेट बैट से सिर और चेहरे पर ताबड़तोड़ वार किए, जब तक उनकी मौत नहीं हो गई। हत्या के बाद आरती ऊपर अपने कमरे में जाकर सो गई।
किरायेदार ने पुलिस को दी सूचना
रात 11 बजे दूसरी मंजिल पर रहने वाले किरायेदार ने पाती सिंह के कमरे से खून बहता देखा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
पहले गुमराह किया, फिर कबूली हत्या
पूछताछ में आरती ने पहले हत्या से इनकार किया और ससुर पर अवैध संबंधों का आरोप लगाया। लेकिन जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपराध कबूल कर लिया।
हत्या का मकसद प्रॉपर्टी विवाद?
पुलिस को शक है कि हत्या का असली कारण प्रॉपर्टी और रिटायरमेंट की रकम हो सकता है। मोहल्ले वालों के अनुसार, शुक्रवार रात आरती और उसकी चचेरी बहन का पाती सिंह से झगड़ा हुआ था, जिसके बाद यह वारदात हुई। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।