देश में मौसम का बदला मिज़ाज
देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। उत्तर भारत समेत मध्य और पश्चिमी क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों के दौरान तेज हवाओं के साथ बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण यह बदलाव देखने को मिला है, जिसका असर आने वाले दो-तीन दिनों तक जारी रहने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई है। कुछ स्थानों पर ओले गिरने से गेहूं, सरसों और चने की फसल को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। खेतों में खड़ी रबी की फसल पर पड़े मौसम के इस प्रहार से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसान संगठनों ने सरकार से फसल नुकसान का सर्वे कराकर मुआवज़ा देने की मांग की है।
मौसम में आए इस बदलाव के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। कई शहरों में दिन का पारा सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया है, जिससे ठंड का असर एक बार फिर बढ़ गया है। वहीं पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी के चलते मैदानी इलाकों में शीतलहर जैसी स्थिति बन गई है।
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसल कटाई या सिंचाई संबंधी कार्य मौसम साफ होने के बाद ही करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
विशेषज्ञों का कहना है कि फरवरी के मध्य में इस तरह की सक्रियता सामान्य मानी जाती है, लेकिन ओलावृष्टि की घटनाएं फसलों के लिए नुकसानदेह होती हैं। यदि मौसम की यही स्थिति बनी रही तो रबी उत्पादन पर असर पड़ सकता है।