कानपुर शहर में बच्चों को गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष टीकाकरण अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों,...
कानपुर शहर में बच्चों को गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष टीकाकरण अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सरकारी अस्पतालों में बच्चों को नियमित टीके लगाए गए। स्वास्थ्य कर्मियों और आशा कार्यकर्ताओं की टीमों ने घर-घर जाकर भी अभिभावकों को टीकाकरण के प्रति जागरूक किया और छूटे हुए बच्चों की पहचान कर उन्हें टीकाकरण केंद्रों तक लाया।
अधिकारियों के अनुसार यह अभियान उन बच्चों पर विशेष रूप से केंद्रित था जिन्हें किसी कारणवश नियमित टीके नहीं लग पाए थे। अभियान के दौरान बीसीजी, पोलियो, खसरा-रूबेला, डीपीटी और हेपेटाइटिस-बी सहित विभिन्न टीके निर्धारित आयु वर्ग के बच्चों को लगाए गए। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि समय पर टीकाकरण से बच्चों में कई जानलेवा बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव या लापरवाही के कारण बच्चे टीकाकरण से वंचित रह जाते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए नियमित टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है। अभियान के दौरान अभिभावकों को टीकाकरण कार्ड सुरक्षित रखने और अगली तिथि पर बच्चों को अवश्य लाने की सलाह भी दी गई।
अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने स्थानीय समुदाय, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग लिया। कई क्षेत्रों में जागरूकता रैलियां और घोषणाएं भी कराई गईं। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे बच्चों का पूरा टीकाकरण कराएं और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे, ताकि हर बच्चा सुरक्षित और स्वस्थ रह सके।