कौशाम्बी न्यूज
कौशाम्बी। जनपद कौशाम्बी में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पुलिसिंग के कार्यों की समीक्षा के लिए बुधवार को पुलिस कार्यालय स्थित दुर्गा भाभी सभागार में एक महत्वपूर्ण अपराध गोष्ठी एवं सैनिक सम्मेलन आयोजित किया गया।
यह समीक्षा बैठक पुलिस अधीक्षक (SP) कौशाम्बी और जिलाधिकारी (DM) कौशाम्बी की संयुक्त अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस दौरान जनपद के सभी राजपत्रित अधिकारियों तथा समस्त शाखा/थाना प्रभारियों को तलब किया गया और उनके कार्यों की बारीकी से समीक्षा की गई।
मुख्य बिन्दु एवं निर्देश:
बैठक में पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि अपराध नियंत्रण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
* विवेचना में गुणवत्ता: सभी लंबित विवेचनाओं (जांचों) को गुणवत्तापूर्ण तरीके से और समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। खासकर महिला अपराधों, पॉक्सो एक्ट, SC/ST एक्ट और गैंगस्टर एक्ट से जुड़े मुकदमों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
* जनसुनवाई में संवेदनशीलता: थानों पर आने वाले प्रत्येक फरियादी की समस्या को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुना जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें तत्काल और उचित न्याय मिल सके।
* बीट पुलिसिंग और गश्त: बीट पुलिसिंग को प्रभावी बनाकर अपराधों पर अंकुश लगाया जाए। साथ ही, रात में और संवेदनशील इलाकों में सघन गश्त करने के निर्देश दिए गए।
* साइबर अपराध पर लगाम: साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए, थानों को निर्देशित किया गया कि वे साइबर अपराधों की रोकथाम और जागरूकता अभियान चलाएं।
* सैनिक सम्मेलन: अपराध गोष्ठी के बाद आयोजित सैनिक सम्मेलन में पुलिसकर्मियों की व्यक्तिगत समस्याओं को सुना गया। SP महोदय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पुलिसकर्मियों की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी तरीके से निस्तारण करें, ताकि वे तनाव मुक्त होकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें।
डीएम और एसपी ने संयुक्त रूप से सभी प्रभारियों को चेतावनी दी कि शासन की प्राथमिकताओं और निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए और जनता के बीच पुलिस की छवि को बेहतर बनाने के लिए ईमानदारी से काम किया जाए।