कौशाम्बी में धान खरीद महाघोटाला! किसानों के हक पर व्यापारियों का डाका
कौशाम्बी: व्यापारियों से सांठगांठ कर किसानों का हक मार रहे क्रय केंद्र प्रभारी, अजय सोनी ने जांच के लिए खोला मोर्चा
कौशाम्बी। जनपद के किसानों के साथ धान बिक्री में हुए बड़े 'धोखे' का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। समर्थ किसान पार्टी (सकिपा) के अध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्य अजय सोनी ने जिला प्रशासन कौशाम्बी से धान क्रय केंद्रों एवं मंडियों में हुई धांधली की उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई है।
किसानों ने बयां किया दर्द:
सोमवार को अजय सोनी ने सिराथू ब्लॉक के सीमावर्ती गांवों—जुवरा, नारा, मानपुरगौरा और महंदापुर का सघन दौरा किया। इस दौरान किसानों ने बताया कि क्रय केंद्रों पर उन्हें हफ्तों तक दौड़ाया जाता है, जबकि व्यापारियों से सांठगांठ कर उनका धान तुरंत तौल लिया जाता है। किसानों का आरोप है कि व्यापारी उनसे कम दामों में धान खरीदकर, अधिकारियों की मदद से उसे सरकारी केंद्रों पर ऊंचे दामों में बेच रहे हैं।
दूरी का खेल और फर्जीवाड़ा:
अजय सोनी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि केंद्रों की तौल और भुगतान की स्थलीय निगरानी कराई जाए, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आएंगे। उन्होंने दावा किया कि 25-30 किलोमीटर दूर के किसानों के नाम पर फर्जी भुगतान दिखाया जा रहा है, जबकि उसी केंद्र के पास रहने वाले वास्तविक किसानों का धान नहीं खरीदा गया।
आंदोलन की चेतावनी:
अजय सोनी ने विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा, "इतने बड़े गोरखधंधे पर अब तक कोई कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? यह साफ है कि अधिकारियों को किसानों से ज्यादा व्यापारियों में दिलचस्पी है।" उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही जिला प्रशासन को मांगपत्र सौंपा जाएगा और मंडलायुक्त प्रयागराज से मिलकर जांच की मांग की जाएगी। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो सकिपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
इस मौके पर प्रमुख रूप से मुन्नालाल तिवारी, शिवशंकर दुबे, शिवसिंह, मुन्ना सिंह, शिवम पांडेय और जुम्मन अली सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।