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सिराथू ब्लॉक के उदहिन बुजुर्ग में आयोजित श्रीरामलीला के अंतिम दिन भगवान श्रीराम और रावण के बीच हुआ भीषण युद्ध

प्रकाशित: 18 Oct 2025

लंका विजय के बाद अयोध्या लौटे श्रीराम, हुआ भव्य राज्याभिषेक

सप्ताहभर चली श्रीरामलीला का हुआ भव्य समापन, जय श्रीराम के जयकारों से गूंजा पूरा मैदान

सिराथू (कौशाम्बी)।  सिराथू ब्लॉक के उदहिन बुजुर्ग गांव में आयोजित *सप्ताहभर चल रही श्रीरामलीला* का समापन शुक्रवार रात भगवान श्रीराम के **राज्याभिषेक** के साथ हुआ। लंका विजय के बाद जब भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी अयोध्या लौटे, तो पूरा परिसर *जय श्रीराम* के जयकारों से गूंज उठा।

रावण और श्रीराम के बीच हुआ भीषण युद्ध

श्रीरामलीला के अंतिम दिन मंच पर लंका युद्ध का दृश्य प्रस्तुत किया गया। भगवान श्रीराम और लंकापति रावण के बीच हुए भीषण युद्ध को देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। युद्ध के दौरान जब भी श्रीराम रावण का सिर काटते, उसके स्थान पर नया सिर निकल आता। यह देखकर भगवान श्रीराम चिंतित हुए। तभी **विभीषण** ने बताया कि रावण की *नाभि में अमृत* छिपा हुआ है।

यह जानकर श्रीराम ने अपनी दिव्य धनुष से रावण की नाभि पर तीर चलाया। तीर लगते ही रावण का अमृत सूख गया और वह धरती पर गिर पड़ा। रावण की मृत्यु के साथ ही *लंका पर धर्म की विजय* और *अधर्म का अंत* हुआ।-

लक्ष्मण को दी रावण ने नीति की शिक्षा

रावण के अंत के बाद भगवान श्रीराम ने लक्ष्मण जी को भेजा कि वे रावण से अंतिम समय में नीति और ज्ञान की बातें जानें। रावण ने लक्ष्मण को धर्म, नीति और मर्यादा पर उपदेश दिया और फिर *भगवान के परम धाम* को प्रस्थान किया।

अयोध्या में हुआ भव्य स्वागत और राज्याभिषेक

रावण वध के बाद भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी के साथ 14 वर्ष के वनवास के पश्चात **अयोध्या लौटे**। अयोध्यावासियों ने भगवान श्रीराम का भव्य स्वागत किया। पुष्प वर्षा, गीत-संगीत और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इसके बाद *भगवान श्रीराम का भव्य राज्याभिषेक* संपन्न हुआ।

राज्याभिषेक के दृश्य ने श्रद्धालुओं के मन को मोह लिया। भक्तजन नाचते-गाते और जय श्रीराम के नारे लगाते नजर आए।

मंच पर रहे ये प्रमुख चेहरे

इस अवसर पर **श्रीरामलीला एवं दशहरा मेला कमेटी** के अध्यक्ष *अजय सोनी*, *डॉ. नेहा*, *विनीत केसरवानी*, *जीतू केसरवानी*, *राजू केसरवानी*, *ननका पाल*, *जुम्मन अली* समेत कई स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

समापन पर उमड़ा जनसैलाब

कार्यक्रम के समापन पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। मंच से हुए *पुष्पवर्षा और जयकारों* से पूरा उदहिन बुजुर्ग गांव भक्तिमय हो उठा। सप्ताहभर चली श्रीरामलीला ने लोगों को धर्म, सत्य और मर्यादा के पथ पर चलने की प्रेरणा दी।