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सिरोही समाचार : सिरोही काली दीपावली में गूंजा विरोध का स्वर- “जल, जंगल और जमीन बचाओ” के संकल्प के साथ शिवसेना भी मनाई काली दीवाली

सिरोही | 21-Oct-2025 11:22 PM | 317 |
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सिरोही काली दीपावली में गूंजा विरोध का स्वर- “जल, जंगल और जमीन बचाओ” के संकल्प के साथ शिवसेना भी मनाई काली दीवाली

सिरोही। काली दीपावली में गूंजा विरोध का स्वर-“जल, जंगल और जमीन बचाओ” के संकल्प के साथ शिवसेना भी मनाई काली दीवाली

 

सिरोही।दीपों के पर्व पर जहां चारों ओर खुशियां मनाई जा रही थी, वहीं पिण्डवाड़ा तहसील क्षेत्र के कई गांवों में अंधकार और आक्रोश का माहौल नजर आया। प्रस्तावित कमलेश मेटा प्राइवेट लिमिटेड खनन परियोजना के विरोध में ग्रामीणों ने इस बार काली दीपावली मनाई। शिवसेना जिला प्रमुख रमेश रावल के नेतृत्व में शिव सैनिकों ने काली पट्टियां बांधकर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार पर तीखा प्रहार किया। रावल ने कहा कि “रोहिड़ा,वाटेरा,भीमाना,भारजा सहित दर्जनों गांवों के गरीब किसान और आदिवासी परिवारों को बेघर करने की साजिश रची जा रही है। पूंजीपतियों के हित में सरकार जनता की भावनाओं से खिलवाड़ कर रही है।”उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते इस खनन परियोजना को निरस्त नहीं किया तो आने वाले दिनों में जिलेभर में बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा, जिसमें हजारों शिव सैनिक शामिल होंगे। रमेश रावल ने कहा 

“हर ग्रामीण के साथ शिवसेना मजबूती से खड़ी है। आज क्षेत्र की दिवाली धनपतियों और नेताओं ने काली कर दी है। किसी गरीब, आदिवासी या किसान के जीवन को उजाड़ने वाली इस परियोजना को हम किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे।”ग्रामीणों ने भावुक स्वर में कहा कि यह परियोजना उनके जल, जंगल और जमीन ही नहीं, बल्कि उनकी आजीविका और पहचान भी छीन लेगी। क्षेत्र के लोगों की हाय और आंसू इन पूंजीपतियों को कभी माफ नहीं करेंगे। लोगों में अब नेताओं की चुप्पी को लेकर भी रोष बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब पूरा क्षेत्र इस खनन परियोजना को अस्वीकार कर चुका है, तब जनप्रतिनिधियों का मौन रहना भी संदेह के घेरे में है.? इस विरोध कार्यक्रम में  शिव सैनिक और ग्रामीणजन शामिल हुए। लोगों ने दीपक की जगह हाथों में काले झंडे लेकर यह संदेश दिया कि जब तक यह खनन परियोजना निरस्त नहीं होती, तब तक क्षेत्र में दीपावली नहीं, संघर्ष की रातें जलती रहेंगी।

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