जनपद बहराइच। तहसील महसी परिसर में शुक्रवार को लेखपाल संघ महसी के बैनर तले लेखपालों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। यह धरना लेखपाल संघ महसी के अध्यक्ष आनंद सिंह पंवार की...
जनपद बहराइच। तहसील महसी परिसर में शुक्रवार को लेखपाल संघ महसी के बैनर तले लेखपालों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। यह धरना लेखपाल संघ महसी के अध्यक्ष आनंद सिंह पंवार की अगुवाई में आयोजित किया गया। धरने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी महसी को मुख्यमंत्री संबोधित ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं और मांगों के त्वरित समाधान की अपील की।
धरने को संबोधित करते हुए लेखपाल संघ अध्यक्ष आनंद सिंह पंवार ने कहा कि लंबे समय से लेखपाल विभिन्न प्रशासनिक कार्यों को पूरी निष्ठा के साथ निभा रहे हैं, लेकिन उनके वेतनमान, ग्रेड पे और पदोन्नति से संबंधित मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लेखपाल का ग्रेड पे 2000 है, जिसे बढ़ाकर 2800 किए जाने की आवश्यकता है, ताकि आर्थिक रूप से उन्हें राहत मिल सके और उनके कार्य के अनुरूप उचित मानदेय सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने आगे बताया कि लेखपालों की पदोन्नति के अवसर अत्यंत सीमित हैं, जिससे वर्षों तक नौकरी करने के बावजूद कर्मचारियों को उचित उन्नति नहीं मिल पाती। इसलिए पदोन्नति के अवसर बढ़ाए जाएं तथा समय-समय पर पदोन्नति संबंधी प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनाई जाए।
ज्ञापन में यह भी प्रमुख रूप से मांग की गई कि लेखपालों का पदनाम बदलकर "राजस्व निरीक्षक" किया जाए, ताकि उन्हें उनके कार्य और उत्तरदायित्व के अनुरूप मान्यता मिल सके। इसके साथ ही संघ ने तहसील स्तर पर "राजस्व निरीक्षक पुलिस चौकी" की स्थापना की मांग भी उठाई, जिससे राजस्व संबंधित विवादों, चकबंदी, सीमांकन और सरकारी भूमि से जुड़े मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्यवाही संभव हो सके।
धरने में शामिल लेखपालों ने कहा कि उनके ऊपर राजस्व व प्रशासनिक कार्यों का भारी बोझ रहता है, लेकिन इसके अनुरूप सुविधाएं और भत्ते उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। इसलिए भत्तों में वृद्धि की जानी चाहिए, ताकि फील्ड में काम करने के दौरान आने वाली कठिनाइयों को कम किया जा सके।
धरना स्थल पर काफी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे। इस अवसर पर तहसील अध्यक्ष आनंद सिंह पंवार के साथ लेखपाल देव प्रकाश सिंह, प्रभात कुमार, चंद्र प्रकाश पांडे समेत कई अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि उनकी जायज़ मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आगे आंदोलन को और तेज किया जाएगा।