समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के रामपुर दौरे से पहले बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। प्रशासन और सपा के बीच रूट को लेकर खींचतान जारी है। पार्टी ने अखिलेश यादव के विमान को बरेली एयरपोर्ट पर उतरने ...
समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के रामपुर दौरे से पहले बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। प्रशासन और सपा के बीच रूट को लेकर खींचतान जारी है। पार्टी ने अखिलेश यादव के विमान को बरेली एयरपोर्ट पर उतरने की अनुमति मांगी थी, लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मुरादाबाद एयरपोर्ट का विकल्प सुझाया है। सूत्रों के अनुसार, यदि अखिलेश यादव प्रशासन की इस योजना को नहीं मानते हैं, तो उन्हें लखनऊ में ही रोका जा सकता है।
जानकारी के मुताबिक, सपा प्रमुख बुधवार सुबह 11:15 बजे प्राइवेट विमान से बरेली एयरपोर्ट पर उतरने वाले थे। इसके बाद वे सड़क मार्ग से रामपुर पहुंचकर वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात करने वाले थे। लेकिन प्रशासन ने अचानक रूट बदलते हुए मुरादाबाद एयरपोर्ट पर लैंडिंग का निर्देश जारी कर दिया। सपा ने इसे अस्वीकार करते हुए अपने मूल रूट पर अड़े रहने का निर्णय लिया है। फिलहाल, दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन गतिरोध कायम है।
यह दौरा ऐसे समय पर तय हुआ है जब सपा के कद्दावर नेता आजम खान पार्टी से नाराज बताए जा रहे हैं। राजनीतिक सूत्रों का मानना है कि अखिलेश यादव की यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि “राजनीतिक मिशन” का हिस्सा है। इसका उद्देश्य आजम खान की नाराजगी को दूर करना और संगठन के भीतर एकजुटता का संदेश देना है। आजम खान के करीबी सूत्रों के अनुसार, वे लंबे समय से पार्टी नेतृत्व से उपेक्षित महसूस कर रहे हैं, खासकर सीतापुर जेल से रिहा होने के बाद जब कोई बड़ा नेता उनसे मिलने नहीं पहुंचा था।
सपा की योजना थी कि अखिलेश पहले बरेली पहुंचकर समर्थकों से मुलाकात करेंगे और फिर रामपुर जाकर आजम खान से भेंट करेंगे। मगर अब रूट विवाद के चलते यह पूरा कार्यक्रम अधर में लटक गया है। प्रशासन और पार्टी के बीच समन्वय न बनने से अधिकारियों में भी उहापोह की स्थिति है।
लखनऊ, मुरादाबाद और रामपुर में प्रशासनिक हलचल तेज है, जबकि सपा कार्यकर्ता अपने नेता के स्वागत की तैयारी में जुटे हैं। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या अखिलेश यादव प्रशासन की बात मानकर रामपुर पहुंच पाएंगे या यह रूट विवाद उनकी इस अहम मुलाकात पर विराम लगा देगा।