देवरिया-कुशीनगर टोल प्लाजा पर दर्दनाक हादसा: बस ने बाइक सवार चाचा-भतीजे को रौंदा, दोनों की मौतदेवरिया। जिले के देवरिया-कुशीनगर मार्ग पर मंगलवार की सुबह एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। टोल प्ल...
देवरिया-कुशीनगर टोल प्लाजा पर दर्दनाक हादसा: बस ने बाइक सवार चाचा-भतीजे को रौंदा, दोनों की मौत
देवरिया। जिले के देवरिया-कुशीनगर मार्ग पर मंगलवार की सुबह एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। टोल प्लाजा पार करने की जल्दबाजी में आ रही एक तेज रफ्तार बस ने बाइक सवार दो लोगों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार चाचा-भतीजे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना देवरिया-कुशीनगर सीमा पर स्थित एक टोल प्लाजा के पास की है। बताया जा रहा है कि एक प्राइवेट बस चालक टोल टैक्स से बचने के चक्कर में तेज रफ्तार से टोल के बगल के रास्ते से वाहन निकालने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान सामने से आ रही बाइक को उसने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों सवारों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची गौरीबाजार थाने की पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और बस को जब्त कर लिया। बस चालक घटना के बाद मौके से फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस टीम जुट गई है।
मृतकों की पहचान थाना रुद्रपुर क्षेत्र के निवासी राजेश निषाद (45) और उनके भतीजे सौरभ निषाद (20) के रूप में हुई है। दोनों किसी जरूरी काम से कुशीनगर की ओर जा रहे थे। परिवार में हादसे की खबर पहुंचते ही कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
स्थानीय लोगों ने टोल प्लाजा प्रबंधन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कई बार टोल से बचने के लिए वाहन चालक बगल के कच्चे रास्ते से गुजरते हैं, जिससे अक्सर हादसे होते रहते हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन ऐसे खुले रास्तों को तत्काल बंद कराए और टोल क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सख्ती से लागू करे।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसपी देवरिया ने कहा कि दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और टोल प्लाजा प्रबंधन से भी जवाब तलब किया जाएगा।
यह हादसा न केवल लापरवाही का परिणाम है बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है कि आखिर कब तक ऐसे हादसे लोगों की जान लेते रहेंगे।