देवरिया में दिव्यांगजनों के लिए बड़ा अभियान: 28 अप्रैल से सभी विकास खंडों में विशेष चिन्हांकन शिविर, मिलेंगे उपकरण और योजनाओं के लाभदेवरिया, 24 अप्रैल। जनपद में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में ए...
देवरिया में दिव्यांगजनों के लिए बड़ा अभियान: 28 अप्रैल से सभी विकास खंडों में विशेष चिन्हांकन शिविर, मिलेंगे उपकरण और योजनाओं के लाभ
देवरिया, 24 अप्रैल। जनपद में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के निर्देशन में 28 अप्रैल 2026 से विशेष चिन्हांकन शिविरों का आयोजन किया जाएगा। यह अभियान 30 मई 2026 तक जिले के सभी विकास खंडों में चलाया जाएगा, जिसका उद्देश्य दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना और उन्हें आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराना है।
जिलाधिकारी ने बताया कि इन शिविरों में पात्र दिव्यांगजनों का चिन्हांकन कर उन्हें ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, श्रवण यंत्र, स्मार्ट केन सहित विभिन्न कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही शादी-विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना, दिव्यांग पेंशन, दुकान निर्माण एवं संचालन योजना तथा 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों के लिए कॉक्लियर इम्प्लांट जैसी योजनाओं के लाभार्थियों का भी चयन किया जाएगा।
शिविर प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से सायं 4 बजे तक आयोजित होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 28 अप्रैल को गौरीबाजार, 29 अप्रैल को भटनी, 2 मई को रुद्रपुर, 4 मई को बरहज, 5 मई को भागलपुर, 12 मई को बनकटा, 13 मई को सलेमपुर, 14 मई को भटपाररानी, 15 मई को पथरदेवा, 16 मई को लार, 19 मई को देवरिया सदर, 20 मई को बनकटा, 23 मई को रामपुर कारखाना, 26 मई को देसही देवरिया, 29 मई को तरकुलवा और 30 मई को पथरदेवा में शिविर लगाए जाएंगे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे दिव्यांगजन जिन्हें पिछले तीन वर्षों में किसी भी योजना या सहायक उपकरण का लाभ नहीं मिला है, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। शिविर में भाग लेने वाले लाभार्थियों को अपना दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र की प्रति और एक पासपोर्ट साइज फोटो अनिवार्य रूप से साथ लाना होगा।
जिलाधिकारी ने जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी प्रियंका चौधरी और सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक दिव्यांगजन इसका लाभ उठा सकें। साथ ही शिविर स्थलों पर बैठने, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
यह पहल न केवल दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास भी है।