देवरिया। शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया है। यह आदेश सीजेओ ...
देवरिया। शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया है। यह आदेश सीजेओ रवि कुमार सिंह की अर्जी पर दिया गया।
पुलिस के अनुसार, गुलरिहा थाने में दर्ज इस मामले में भ्रष्टाचार से जुड़ी धाराएं जोड़े जाने के बाद से आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। हालांकि दोनों आरोपी लगातार पुलिस से बचते फिर रहे हैं। अदालत के आदेश के बाद अब पुलिस किसी भी स्थान पर दबिश देकर उनकी गिरफ्तारी कर सकती है।
इससे पहले एसएसपी ने दोनों आरोपियों की सूचना देने पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसे अब बढ़ाकर 25-25 हजार रुपये कर दिया गया है।
गौरतलब है कि कुशीनगर जिले के हरैया बुजुर्ग निवासी 37 वर्षीय शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह देवरिया के गौरीबाजार स्थित एक विद्यालय में सहायक अध्यापक थे। 21 फरवरी को उनकी आत्महत्या के बाद मिले सुसाइड नोट में भ्रष्टाचार और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए गए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की चार टीमें देवरिया, बलिया, लखनऊ और प्रयागराज में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।