देवरिया, 11 मार्च। जनपद देवरिया में फर्जी वरासत दर्ज कर सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के निर्देश पर मामले में एफआईआर दर्ज कराने तथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्...
देवरिया, 11 मार्च। जनपद देवरिया में फर्जी वरासत दर्ज कर सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के निर्देश पर मामले में एफआईआर दर्ज कराने तथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार यह मामला तहसील सलेमपुर के ग्राम पडरीगजराज का है। राजस्व अभिलेखों के मुताबिक गाटा संख्या 34 व 25 के मूल खातेदार फेकू पुत्र सुखन थे, जिनकी लगभग 30 वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है और उनका कोई विधिक वारिस नहीं बताया गया है।
जांच में सामने आया कि फरवरी 2024 में अनुचित लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से ग्राम प्रधान इंदू देवी के पति रामप्रताप ने तत्कालीन लेखपाल अजय कुमार यादव और राजस्व निरीक्षक धर्मप्रकाश सिंह की मिलीभगत से माया देवी को मृतक फेकू की पत्नी दर्शाते हुए फर्जी तरीके से वरासत दर्ज करा दी।
इसके बाद उक्त भूमि में से 0.0245 हेक्टेयर जमीन पंचायत भवन निर्माण के लिए मुख्य विकास अधिकारी के नाम 66.67 लाख रुपये में बैनामा कर दी गई। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-727बी (नवलपुर–सिकंदरपुर) परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण में भी माया देवी को मुआवजा मिला। इस प्रकार कुल 74.03 लाख रुपये की धनराशि माया देवी के खाते में पहुंच गई।
शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी सलेमपुर की अध्यक्षता में राजस्व टीम ने 26 व 27 फरवरी 2026 को स्थल और अभिलेखीय जांच की। 9 मार्च को प्रस्तुत रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
जांच में यह भी पाया गया कि पंचायत भवन के लिए मिली धनराशि में से 15 लाख रुपये ग्राम प्रधान पति रामप्रताप के खाते में और 8 लाख रुपये सफाईकर्मी रामराज प्रसाद के खाते में भेजे गए। बाद में रामराज प्रसाद के खाते से 7 लाख रुपये ग्राम प्रधान के पुत्र राहुल प्रताप सिंह के खाते में स्थानांतरित किए गए, जबकि 1 लाख रुपये नकद दिए जाने की भी पुष्टि हुई। इन लेन-देन का कोई संतोषजनक कारण नहीं बताया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही तत्कालीन लेखपाल अजय कुमार यादव को निलंबित कर दिया गया है तथा राजस्व निरीक्षक धर्मप्रकाश सिंह के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के तहत प्राप्त 7.35 लाख रुपये की मुआवजा राशि की वसूली माया देवी से करने तथा संबंधित भूमि को राज्य सरकार में निहित करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी भूमि और धन से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।