नियमित व्यायाम और देखभाल से घट रही हाथीपांव की सूजन, मरीजों को मिला एमएमडीपी प्रशिक्षणदेवरिया, 9 अप्रैल 2026। फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत पथरदेवा ब्लॉक के आयुष्मान आरोग्य मंदिर सेमरी से सम्बद्ध...
नियमित व्यायाम और देखभाल से घट रही हाथीपांव की सूजन, मरीजों को मिला एमएमडीपी प्रशिक्षण
देवरिया, 9 अप्रैल 2026। फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत पथरदेवा ब्लॉक के आयुष्मान आरोग्य मंदिर सेमरी से सम्बद्ध आंगनबाड़ी केंद्र पर गुरुवार को मरीजों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पीएसपी (पेशेंट स्टेक होल्डर प्लेटफॉर्म) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में फाइलेरिया रोगियों को एमएमडीपी (मॉर्बिडिटी मैनेजमेंट एंड डिसएबिलिटी प्रिवेंशन) के तहत रोग प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान 20 मरीजों को प्रभावित अंगों की साफ-सफाई और देखभाल के लिए एमएमडीपी किट वितरित की गई, जिससे वे घर पर ही अपने घावों और सूजन की देखभाल कर सकें। पीएसपी सदस्य एवं सीएचओ ने डेमो के माध्यम से प्रभावित अंगों की सही तरीके से सफाई और देखभाल की विधि समझाई।
वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक नवीन प्रकाश ने बताया कि नियमित सफाई, सही देखभाल और व्यायाम से हाथीपांव (फाइलेरिया) की सूजन में उल्लेखनीय कमी देखी गई है। साथ ही रोग के अटैक भी कम हुए हैं। उन्होंने बताया कि यह बीमारी क्यूलेक्स मच्छर के माध्यम से फैलती है और इसके लक्षण 5 से 15 वर्षों के भीतर सामने आते हैं। समय रहते पहचान और नियमित दवा सेवन से इस बीमारी से बचाव संभव है।
सीएचओ अनुराधा ने मरीजों को सूजन कम करने के उपाय, संक्रमण से बचाव और व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किट में उपलब्ध सामग्री जैसे साबुन, तौलिया, एंटीसेप्टिक आदि के उपयोग का प्रदर्शन भी किया।
कार्यक्रम में मौजूद 50 वर्षीय मरीज धर्मेंद्र ने बताया कि वह पिछले एक वर्ष से पीएसपी से जुड़े हैं और नियमित सफाई व व्यायाम के कारण पिछले 10 महीनों से उन्हें कोई अटैक नहीं आया है तथा सूजन में भी कमी आई है।
इस अवसर पर बीपीएम नागेंद्र मल्ल, एएनएम प्रीति, वालेंटियर राजू श्रीवास्तव, बीएचडब्ल्यू राकेश, सीफार संस्था के जिला प्रतिनिधि सहित आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक, मरीज और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह कार्यक्रम न केवल रोगियों के लिए लाभकारी सिद्ध हुआ, बल्कि फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।