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गाज़ियाबाद के नंदनी पार्क, हिंडन विहार में गोपाष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया गया, गौमाता की विधिवत पूजा-अर्चना : 1800 से अधिक गौवंशों का स्वास्थ्य परीक्षण और सजावट की गई।

गाजियाबाद | 30-Oct-2025 12:39 PM | 300 |
गाजियाबाद
1800 से अधिक गौवंशों का स्वास्थ्य परीक्षण और सजावट की गई।

गाज़ियाबाद। आज जनपद गाज़ियाबाद के हिंडन विहार स्थित नंदनी पार्क गोशाला में गोपाष्टमी पर्व बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गौमाता को फूलों की मालाओं, मेहंदी, रोली, हल्दी और रंगीन वस्त्रों से सजाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे जिन्होंने गौमाता की पूजा-अर्चना की और गुड़, केले, जलेबी एवं हरा चारा खिलाया।
इस दौरान गौ रक्षा दल के सदस्य श्री विशाल भारद्वाज और गोशाला प्रभारी श्री अशोक भी उपस्थित रहे। श्री अशोक ने बताया कि नंदनी पार्क हिंडन विहार गोशाला में लगभग 1800 गायें और नंदी रहते हैं। उन्होंने बताया कि गोपाष्टमी के अवसर पर गौवंश की पूजा के साथ-साथ उनका स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण, बधियाकरण, टैगिंग और डिवार्मिंग आदि भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान नगर निगम के अधिकारियों द्वारा सफाई और व्यवस्था की निगरानी भी की गई।
भारतीय संस्कृति में गोपाष्टमी का विशेष महत्व है। यह पर्व कार्तिक शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने पहली बार गायों को चराने के लिए ले जाकर गौ-चारण लीला की शुरुआत की थी। इसीलिए यह दिन गोपाष्टमी के रूप में जाना जाता है।
पौराणिक कथा के अनुसार जब भगवान श्रीकृष्ण छह वर्ष के हुए, तब उन्होंने माता यशोदा से कहा कि अब वे बछड़े नहीं बल्कि गायों को चराएंगे। जब नंद बाबा ने पंडित जी से मुहूर्त देखने को कहा, तो उन्होंने बताया कि केवल आज ही का दिन शुभ है। उसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने गौ-चारण आरंभ किया और यह तिथि गोपाष्टमी कहलायी। भगवान श्रीकृष्ण ने यह भी कहा कि यदि गौएं जूतियाँ नहीं पहनतीं तो वे स्वयं भी नहीं पहनेंगे। तब से ही भगवान बिन जूतियों के गायों के साथ बांसुरी बजाते हुए निकलते थे, जिससे वृंदावन की भूमि पावन हो जाती थी।
आज के कार्यक्रम में भक्तों ने पारंपरिक विधि से गौमाता की पूजा की, आरती उतारी और परिक्रमा की। वातावरण में “गौ माता की जय” के नारे गूंजते रहे। इस अवसर पर गौशाला परिसर को पुष्पों और दीपों से सजाया गया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया और गौसेवा का संदेश दिया गया। लोगों ने संकल्प लिया कि वे नियमित रूप से गोशाला में आकर सेवा करेंगे और गायों के लिए चारा एवं सहायता उपलब्ध कराएंगे।

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