गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र और सरस्वती बालिका विद्यालय, सूरजकुंड के संयुक्त तत्वावधान में आज “स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा” (17 सितम्बर – 2 अक्टूबर 2025) के अंतर...
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र और सरस्वती बालिका विद्यालय, सूरजकुंड के संयुक्त तत्वावधान में आज “स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा” (17 सितम्बर – 2 अक्टूबर 2025) के अंतर्गत मातृ सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बनाया। विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती रश्मि श्रीवास्तव ने विश्वविद्यालय की गृह विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. दिव्या रानी सिंह और सहायक प्राध्यापक डॉ. अनुपमा कौशिक को पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।
प्रो. दिव्या रानी सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा—
“स्वस्थ नारी ही स्वस्थ परिवार और सशक्त समाज की आधारशिला होती है। माताओं को नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और संतुलित आहार अपनाने के साथ-साथ गंभीर समस्याओं जैसे सर्वाइकल कैंसर के प्रति सतर्क रहना चाहिए।”
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य माताओं को स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और बेटियों के साथ संवाद के अवसर प्रदान करना था। वक्ताओं ने माताओं को संतुलित आहार, मानसिक स्वास्थ्य, स्वच्छता और बेटी शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। चिकित्सकों ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रमुख संदेश:
1. स्वस्थ नारी ही परिवार की शक्ति है।
2. शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता – महिला सशक्तिकरण के तीन आधार स्तंभ हैं।
3. माताओं को बेटियों को समान अवसर प्रदान करना चाहिए।
4. राष्ट्र की प्रगति में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।
सम्मेलन का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकगण, छात्राएँ और बड़ी संख्या में माताएँ उपस्थित रहीं।