सहजनवा थाना क्षेत्र के एक परिवार ने स्थानीय पुलिस और राजस्व अधिकारियों पर तुगलकी और एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए प्रेस वार्ता में न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने 1982 में अराज...
सहजनवा थाना क्षेत्र के एक परिवार ने स्थानीय पुलिस और राजस्व अधिकारियों पर तुगलकी और एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए प्रेस वार्ता में न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने 1982 में अराजी 132 (खसरा/गाटा) खरीदकर उसी पर मकान बनवाकर पिछले लगभग 45 वर्ष से परिवार सहित निवास तथा बिल्डिंग मटेरियल की दुकान चला रहे हैं।
पीड़ित के अनुसार उनके बगल में स्थित गाटा संख्या 87ग को नर्वदेश्वर सिंह सोलंकी ने खरीदा था। शिकायत है कि नर्वदेश्वर सिंह ने उनके घर पर कब्जा करने के इरादे से स्थानीय पुलिस को शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने बिना किसी पक्ष को सुने और बिना पूर्व नोटिस के शांति भंग की आशंका का हवाला देते हुए उनके मकान को कुर्क करने की रिपोर्ट राजस्व विभाग को भेज दी।
पीड़ित ने कहा, “हमने तीन पीढ़ियों से यहाँ रहकर अपना घर और दुकान बनाई है — अचानक बिना नोटिस के कुर्की का आदेश आना हमारे लिए कष्टदायक और अनुचित है। नर्वदेश्वर ने अपनी जमीन में कार्रवाई करवाई होगी तो हमें क्यों निशाना बनाया गया?” उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रभाव और धनबल के कारण नर्वदेश्वर की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की गई जबकि उनके पक्ष को नजरअंदाज किया गया।
परिवार ने कहा कि उन्होंने मामला जनहित और विधिक अधिकारों के मद्देनजर मुख्यमंत्री पोर्टल तथा प्रधानमंत्री पोर्टल पर भी दर्ज कराया है और संबंधित उच्च अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर प्रस्तुतियाँ दी हैं, लेकिन अबतक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और शीघ्र जांच कराकर जो भी गलत हो, उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए और यदि कुर्की गलत है तो उसे तत्काल रद्द किया जाए।