शहर में यातायात व्यवस्था को नई रफ्तार देने वाला पहला सिक्सलेन फ्लाईओवर अब पूरी तरह तैयार होने की कगार पर है। निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और इसके लोकार्पण की तैयारियां भी तेज हो गई हैं।नौसढ़ से प...
शहर में यातायात व्यवस्था को नई रफ्तार देने वाला पहला सिक्सलेन फ्लाईओवर अब पूरी तरह तैयार होने की कगार पर है। निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और इसके लोकार्पण की तैयारियां भी तेज हो गई हैं।
नौसढ़ से पैडलेगंज तक बने इस फ्लाईओवर पर जल्द ही वाहन फर्राटा भरते नजर आएंगे। राप्ती नदी पर बने पुराने पुल के अनुरक्षण कार्य के पूरा होते ही इस नए फ्लाईओवर को सीधे आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। हालांकि देवरिया बाईपास की ओर जाने वाले कनेक्टिंग फोरलेन फ्लाईओवर का कार्य अभी प्रगति पर है, जिसके चलते उस दिशा में आवागमन के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में शामिल है, जिसका उद्देश्य शहर में यातायात दबाव को कम करना और कनेक्टिविटी को मजबूत बनाना है।
नौसढ़-पैडलेगंज मार्ग पर करीब 2.6 किलोमीटर लंबे इस सिक्सलेन फ्लाईओवर के निर्माण पर 429.49 करोड़ रुपये की लागत आई है। कार्यदायी संस्था सेतु निगम के अनुसार, मुख्य फ्लाईओवर का निर्माण 99 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है और शेष फिनिशिंग कार्य तेजी से कराया जा रहा है।
फ्लाईओवर के शुरू होते ही इस मार्ग पर लगने वाले रोजाना के जाम से राहत मिलेगी। खासकर लखनऊ, वाराणसी, आजमगढ़ और प्रयागराज से आने-जाने वाले यात्रियों को शहर के भीतर तेज और सुगम आवागमन का लाभ मिलेगा। साथ ही महराजगंज, देवरिया और कुशीनगर की ओर जाने वालों के लिए भी यह मार्ग समय की बचत का बड़ा माध्यम बनेगा।