गोरखपुर। झंगहा क्षेत्र के करही घाट पर हाल ही में हुई नाव पलटने की दर्दनाक दुर्घटना में मृतक हुए जोगिया निवासी कृष्ण चतुर्वेदी के परिवार के समर्थन में बुधवार को अखिल भारतीय ब्राह्मण जनकल्याण समिति का प...
गोरखपुर। झंगहा क्षेत्र के करही घाट पर हाल ही में हुई नाव पलटने की दर्दनाक दुर्घटना में मृतक हुए जोगिया निवासी कृष्ण चतुर्वेदी के परिवार के समर्थन में बुधवार को अखिल भारतीय ब्राह्मण जनकल्याण समिति का प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी कार्यालय पहुँचा।
प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी दीपक मीणा से मुलाकात कर पीड़ित परिवार के लिए न्याय, आर्थिक सहायता और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम से संबंधित मांगें रखीं।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व समिति के राष्ट्रीय महामंत्री करुणेश पांडेय ने किया। उन्होंने कहा कि कृष्ण चतुर्वेदी एक होनहार छात्र था जिसकी असमय मृत्यु प्रशासनिक लापरवाही और नशे में धुत नाव संचालक के कारण हुई। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और नाव संचालन व्यवस्था की समीक्षा की मांग की।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि नाव चालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट करने और दोषियों पर प्रशासनिक कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
डीएम ने कहा कि मृतक के पिता मदनेश चतुर्वेदी, जो पहले गुजरात में कार्यरत थे, अब गोरखपुर में स्वरोजगार शुरू करना चाहते हैं। इसके लिए प्रशासन उन्हें सस्ते दर पर ऋण उपलब्ध कराएगा ताकि वे परिवार का भरण-पोषण कर सकें। उन्होंने आदेश दिया कि आपदा राहत कोष से चार लाख रुपये की सहायता राशि गुरुवार को परिवार को प्रदान की जाए।
डीएम मीणा ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि परिवार को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना का लाभ तुरंत दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि बैंक और जिला उद्योग केंद्र मिलकर न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण स्वीकृत करें, जिससे परिवार आत्मनिर्भर बन सके।
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने नाव संचालन की सुरक्षा मानकों की समीक्षा के निर्देश दिए और कहा कि झंगहा क्षेत्र सहित सभी घाटों पर जर्जर नौकाओं के संचालन पर तत्काल रोक लगाई जाएगी।
करुणेश पांडेय ने कहा कि यह घटना पूरे क्षेत्र को झकझोरने वाली है, और यह आवश्यक है कि भविष्य में नाव संचालन के लिए लाइसेंसधारी नाविकों की अनिवार्य तैनाती सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल सहायता देना नहीं, बल्कि न्याय और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा —
> “प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ा है। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी और शासन को पूरी रिपोर्ट भेजी जाएगी।”
इस अवसर पर मृतक के पिता मदनेश चतुर्वेदी, कृष्ण मुरारी चतुर्वेदी, समिति के राष्ट्रीय सचिव व रेल मंत्रालय सदस्य धनंजय तिवारी, विवेक मिश्र सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने डीएम का आभार व्यक्त किया और कहा कि प्रशासन की तत्परता से पीड़ित परिवार को राहत और आशा की नई किरण मिली है।