गोरखपुर, 28 अगस्त।भारत सरकार के पूर्व औषधि महानियंत्रक एवं यूपी सरकार के सलाहकार डॉ. जीएन सिंह ने कहा कि महज चार वर्षों में महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय (एमजीयूजी) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन ...
गोरखपुर, 28 अगस्त।
भारत सरकार के पूर्व औषधि महानियंत्रक एवं यूपी सरकार के सलाहकार डॉ. जीएन सिंह ने कहा कि महज चार वर्षों में महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय (एमजीयूजी) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से उच्च शिक्षा का रोल मॉडल बन गया है।
डॉ. जी.एन सिंह (मुख्य अतिथि)
एमजीयूजी पूर्वांचल की नई पहचान बन चुका है।
अकादमिक उत्कृष्टता, शोध, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व में अद्वितीय कार्य।
विश्वविद्यालय परिसर में अध्यात्म, शिक्षा और सेवा की त्रिवेणी प्रवाहमान।
डॉ. संजय माहेश्वरी (मुख्य वक्ता) —
“सर्वधर्म सेवा समभाव” की परिकल्पना साकार।
कैंसर रोगियों की सफल सर्जरी कर पूर्वांचल में चिकित्सा का प्रमुख केंद्र बना।
शिक्षा व चिकित्सा सेवाओं में वैश्विक पहचान बनाई।
मेजर जनरल डॉ. अतुल वाजपेयी (अध्यक्षता)
विश्वविद्यालय केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि सामाजिक सेवा और स्वास्थ्य सेवाओं का भी केंद्र।
शत-प्रतिशत ज्ञान के प्रसार के साथ उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर।
डॉ. प्रदीप कुमार राव (कुलसचिव) —
योग, आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा का संगम।
रोजगारपरक कोर्स, स्टार्टअप व डिजिटल शिक्षण की शुरुआत।
राष्ट्रीय व वैश्विक स्तर पर संस्थानों से समझौते कर शोध-अनुसंधान को बढ़ावा।
विशेष आकर्षण
दो पुस्तकों का विमोचन : सेवापथ (वार्षिक विवरणिका) एवं आरोग्य प्रभा (त्रैमासिक पत्रिका)
451 विद्यार्थियों का सम्मान — शैक्षणिक, शोध, खेल व सांस्कृतिक उपलब्धियों पर
सर्वश्रेष्ठ समूह सम्मान : ब्राउन समूह
“शिक्षा, शोध और साधना की त्रिवेणी महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय पूर्वांचल में शैक्षिक नवजागरण का सशक्त केंद्र बन रही है। यह नई पीढ़ी को आत्मज्ञान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता से सशक्त कर रही है।”
मुख्यमंत्री एवं कुलाधिपति योगी आदित्यनाथ