गोरखपुर। पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता का नज़ारा गोरखपुर में तब देखने को मिला जब चिलुआताल थाना क्षेत्र से लापता 11 वर्षीय लक्ष्य सिंह को पुलिस ने महज दो घंटे के भीतर खोज निकाला। इस घटना ने न केवल पु...
गोरखपुर। पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता का नज़ारा गोरखपुर में तब देखने को मिला जब चिलुआताल थाना क्षेत्र से लापता 11 वर्षीय लक्ष्य सिंह को पुलिस ने महज दो घंटे के भीतर खोज निकाला। इस घटना ने न केवल पुलिस की कार्यशैली पर विश्वास बढ़ाया बल्कि परिजनों के चेहरे पर मुस्कान भी लौट आई।
जानकारी के अनुसार, बिशनपुर रामनगर निवासी गौतम सिंह का पुत्र लक्ष्य सिंह अचानक घर से लापता हो गया। परिजनों ने काफी खोजबीन की लेकिन बच्चा नहीं मिला। घबराए हुए परिवार ने चिलुआताल थाने में इसकी सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी सूरज सिंह ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। उन्होंने दो टीमें गठित कर खुद भी तलाश अभियान में जुट गए।
चिलुआताल पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में सघन जांच शुरू की। मोहल्लों, गलियों और मार्गों पर लगातार तलाशी अभियान चलाया गया। करीब दो घंटे की मेहनत के बाद पुलिस को सफलता मिली और लक्ष्य सिंह सुरक्षित बरामद कर लिया गया। बताया गया कि बच्चा खेलते-खेलते रास्ता भटक गया था और दूर निकल गया था।
जब बालक को थाने लाया गया तो थाना प्रभारी सूरज सिंह ने खुशी से उसे अपनी गोद में उठा लिया। यह दृश्य देखकर मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो उठा। बच्चे को देखते ही माँ की आंखों में खुशी के आँसू छलक पड़े और परिवार के लोगों ने पुलिस का दिल से आभार जताया।
इस सफल अभियान में चिलुआताल थाना प्रभारी सूरज सिंह के साथ एसओजी प्रभारी राजमंगल सिंह, उपनिरीक्षक ज्ञान चंद्र पटेल, उपनिरीक्षक आशीष सिंह, उपनिरीक्षक सज्जन कुमार मिश्रा, हेड कांस्टेबल राज किशोर वर्मा, कांस्टेबल प्रदीप वर्मा और कांस्टेबल धर्मेंद्र यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
गोरखपुर पुलिस के इस त्वरित और संवेदनशील प्रयास ने साबित कर दिया कि सही नेतृत्व और तत्परता से किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है। चिलुआताल पुलिस की इस कार्यवाही को क्षेत्र के लोगों ने भी सराहा और इसे मानवता तथा कर्तव्यनिष्ठा का बेहतरीन उदाहरण बताया।