गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग में “राष्ट्रीय पोषण सप्ताह” के अवसर पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं को फल एवं सब्जियों की विवि...
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग में “राष्ट्रीय पोषण सप्ताह” के अवसर पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं को फल एवं सब्जियों की विविध कटिंग विधियों और उनके पोषण पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में जागरूक करना था।
भारत सरकार द्वारा प्रतिवर्ष 1 से 7 सितम्बर तक “राष्ट्रीय पोषण सप्ताह” मनाया जाता है। इसका उद्देश्य आमजन को संतुलित आहार, स्वस्थ जीवनशैली और कुपोषण से बचाव के प्रति जागरूक करना है। इस अवधि में देशभर में विभिन्न शैक्षणिक, स्वास्थ्य एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं ताकि समाज में पोषण संबंधी ज्ञान का प्रसार हो और हर व्यक्ति “संपूर्ण आहार – स्वस्थ जीवन” की ओर प्रेरित हो सके।
कार्यशाला के दौरान छात्राओं को विभिन्न पाक विधियों की जानकारी दी गई और बताया गया कि भोजन पकाने की प्रक्रिया पोषक तत्वों पर किस प्रकार असर डालती है। विशेषज्ञों ने समझाया कि उचित विधि अपनाने से भोजन स्वादिष्ट और अधिक पौष्टिक बन सकता है।
कटिंग तकनीकों का प्रदर्शन
कार्यशाला में प्रो. दिव्या और डॉ. अनुपमा ने छात्राओं को मिंसिंग, चॉपिंग, जूलियन कटिंग आदि विभिन्न कटिंग तकनीकों का प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि सही कटिंग न केवल भोजन की गुणवत्ता बल्कि उसकी प्रस्तुति को भी प्रभावित करती है।
छात्राओं की सक्रिय भागीदारी
गृह विज्ञान विभाग की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सीखी हुई तकनीकों का अभ्यास भी किया। उन्होंने प्रश्न पूछकर कार्यशाला को और अधिक रोचक एवं सार्थक बना दिया।
विभागाध्यक्ष का वक्तव्य
विभागाध्यक्ष प्रो. दिव्या रानी सिंह ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा—
“सही पाक कला और पोषण ज्ञान न केवल स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं बल्कि जीवनशैली को भी सकारात्मक दिशा देते हैं।”
कार्यशाला ने छात्राओं में संतुलित आहार, पोषण संरक्षण और व्यावहारिक पाक कला के प्रति नई दृष्टि का संचार किया।