गोरखपुर। रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आदेश के तहत अब रेलवे अस्पतालों का संचालन नेशनल हेल्थ अथॉरिटी से हटाकर स्टेट हेल्थ अथॉरिटी को सौंपा जाएगा। इस फैसले का पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ ने कड़ा विरोध दर्ज ...
गोरखपुर। रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आदेश के तहत अब रेलवे अस्पतालों का संचालन नेशनल हेल्थ अथॉरिटी से हटाकर स्टेट हेल्थ अथॉरिटी को सौंपा जाएगा। इस फैसले का पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ ने कड़ा विरोध दर्ज किया है।
संघ के महामंत्री विनोद राय ने कहा कि रेलवे हॉस्पिटल पहले से ही संसाधनों और स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं। ऐसे में यदि राज्य सरकार के कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी इन अस्पतालों पर आ जाएगी तो रेलकर्मियों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि रेलवे अस्पताल की सेवाएं पूरी तरह से रेलवे कर्मचारियों के लिए ही होनी चाहिए, अन्यथा गुणवत्ता और व्यवस्था प्रभावित होगी।
विनोद राय ने चेतावनी दी कि आगामी 2 सितंबर को दिल्ली अधिवेशन में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा और रेलवे बोर्ड से इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की जाएगी। उन्होंने आदेश को "तुगलकी फरमान" बताते हुए कहा कि इससे रेल कर्मचारियों में गहरा आक्रोश है।
बैठक में संघ के कई पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें फिरोजुल हक, दीपक चौधरी, लक्ष्मी श्रीवास्तव, कुलदीप मनी, ईश्वर चंद्र विद्यासागर, संजीव धर, शमशाद भाई, देवेश सिंह, अंशुमाला पाठक, अभिषेक गुप्ता, अनिल गौतम, सतीश श्रीवास्तव, धर्मेंद्र तिवारी, सुबोध खरे, बदरुद्दीन अहमद, महेंद्र यादव, अभिनेश राय, अनुराग मिश्रा, पंकज श्रीवास्तव, योगेंद्र गुप्ता, सुरेश गिरी, अशोक बरसाती और अनीस समेत अनेक पदाधिकारी शामिल रहे।