गोरखपुर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार गोरखपुर जनपद में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) अभियान शुरू हो गया है। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक मीणा ने कलेक्ट...
गोरखपुर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार गोरखपुर जनपद में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) अभियान शुरू हो गया है। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक मीणा ने कलेक्ट्रेट स्थित पर्यटन भवन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि यह अभियान 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक चलेगा। इस अवधि में जिले की सभी नौ विधानसभाओं में बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन करेंगे।
डीएम दीपक मीणा ने बताया कि वर्ष 2003 के बाद यह पहला अवसर है जब निर्वाचन आयोग इस स्तर पर गहन पुनरीक्षण करा रहा है। अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है ताकि कोई पात्र मतदाता वंचित न रहे और कोई अपात्र नाम सूची में शामिल न हो।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक बीएलओ को प्रतिदिन कम से कम 50 गणना प्रपत्र (Enumeration Form) भरने का लक्ष्य दिया गया है। यदि परिवार के सदस्य बाहर नौकरी या पढ़ाई के लिए रहते हैं तो घर के अन्य सदस्य उनकी जानकारी दे सकते हैं। जिनका गणना प्रपत्र भरा जाएगा, उनके नाम स्वतः अंतिम सूची में सम्मिलित हो जाएंगे।
डीएम ने कहा कि एक व्यक्ति केवल एक ही विधानसभा क्षेत्र में मतदाता रह सकता है। यदि किसी का नाम दो जगह दर्ज है, तो उसे फॉर्म में पुराने पते का उल्लेख करना होगा ताकि उस स्थान से नाम काटा जा सके। “एक व्यक्ति भारतवर्ष में केवल एक ही स्थान पर मतदाता हो सकता है। दोहरा नाम नियमों के विरुद्ध है,” उन्होंने कहा।
प्रमुख तिथियाँ:
गणना कार्य: 4 नवम्बर–4 दिसम्बर 2025
ड्राफ्ट सूची प्रकाशन: 9 दिसम्बर 2025
दावे व आपत्तियाँ: 9 दिसम्बर 2025–8 जनवरी 2026
निस्तारण अवधि: 9 दिसम्बर 2025–31 जनवरी 2026
अंतिम सूची प्रकाशन: 7 फरवरी 2026
गोरखपुर में वर्तमान में 36,66,533 मतदाता हैं, जिनमें पुरुष 19,72,109, महिलाएं 16,94,178 और अन्य 246 हैं। वर्ष 2003 में यह संख्या 26,68,592 थी। डीएम ने इसे लोकतंत्र के प्रति नागरिकों की बढ़ती जागरूकता का प्रमाण बताया।
जिले में 9 विधानसभा क्षेत्र, 9 ईआरओ, 45 सहायक अधिकारी, 3,679 बीएलओ, 440 सुपरवाइजर और 2,063 मतदान केंद्र हैं। प्रत्येक केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाता रखे गए हैं।
डीएम दीपक मीणा ने कहा कि “विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक सहभागिता का आधार है। हर पात्र मतदाता का नाम सूची में जुड़ना उसका अधिकार है, और इसे सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
प्रेस वार्ता में एडीएम (वित्त) विनीत कुमार सिंह, सहायक निर्वाचन अधिकारी शंकर मिश्रा, सहायक सूचना निदेशक प्रशांत श्रीवास्तव और सभी तहसीलों के एसडीएम उपस्थित रहे।