जहानाबाद विधानसभा सीट पर इस बार का चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। माना जा रहा है कि भूमिहार वोट बैंक, जो परंपरागत रूप से एनडीए का मजबूत आधार रहा है, इस बार विभाजन का शिकार हो सकता है।निर्दलीय ...
जहानाबाद विधानसभा सीट पर इस बार का चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। माना जा रहा है कि भूमिहार वोट बैंक, जो परंपरागत रूप से एनडीए का मजबूत आधार रहा है, इस बार विभाजन का शिकार हो सकता है।
निर्दलीय चुन्नू शर्मा के आने से समीकरण बिगड़े
जहानाबाद से निर्दलीय प्रत्याशी रितेश कुमार उर्फ चुन्नू शर्मा के मैदान में उतरने से राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। चुन्नू शर्मा की क्षेत्र में अच्छी पकड़ है और वे भूमिहार समुदाय में मजबूत प्रभाव रखते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि उनके आने से एनडीए के लिए भूमिहार वोट में सेंध लगने की आशंका बढ़ गई है।
जनसुराज और महागठबंधन के प्रत्याशी भी भूमिहार
इसी सीट पर जनसुराज पार्टी ने अभिराम शर्मा को प्रत्याशी बनाया है, जो स्वयं भूमिहार समाज से आते हैं।
वहीं महागठबंधन की ओर से राहुल शर्मा उम्मीदवार हैं, जिन्हें भूमिहार समुदाय में अच्छी पकड़ वाला चेहरा माना जाता है।
एनडीए के लिए चुनौती बनी चंद्रवंशी की राह
एनडीए ने इस सीट से चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी को टिकट दिया है। हालांकि, तीनों प्रमुख प्रत्याशी—राहुल शर्मा, अभिराम शर्मा और चुन्नू शर्मा—तीनों भूमिहार समाज से हैं।
इससे एनडीए को अपने पारंपरिक वोट बैंक को एकजुट रखने में कठिनाई आ सकती है।
त्रिकोणीय नहीं, चौकोर मुकाबले की तैयारी
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक इस बार जहानाबाद में मुकाबला त्रिकोणीय नहीं बल्कि चौकोर हो सकता है।
भूमिहार वोटों के बिखरने से हर दल की रणनीति पर असर पड़ना तय है।