आधे घंटे में उजड़ गई खेती, ओले-बारिश ने किसान की कमर तोड़ दीझालावाड़ जिले के गंगधार उपखण्ड क्षेत्र मे मंगलवार सुबह मौसम ऐसा पलटा कि किसानों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। तेज हवा चली, फिर जोरदार बारि...
आधे घंटे में उजड़ गई खेती, ओले-बारिश ने किसान की कमर तोड़ दी
झालावाड़ जिले के गंगधार उपखण्ड क्षेत्र मे मंगलवार सुबह मौसम ऐसा पलटा कि किसानों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। तेज हवा चली, फिर जोरदार बारिश आई और साथ में बेर जितने ओले पड़े। करीब आधे घंटे में खेतों में खड़ी फसल चित हो गई। किसान बस आसमान की तरफ देखते रह गए।
गांवों में गेहूं, चना, सरसों, धनिया, अफीम और असलिया की फसल को भारी नुकसान हुआ है। कहीं फसल जमीन पर बिछ गई तो कहीं दाना झड़ गया। कई खेत तो ऐसे लग रहे हैं जैसे कटाई पहले ही हो गई हो।
उन्हेल रामपुरा, सरवर, कचनारा, बिरनिया, जखनि, सुनारी, ढाबला, कागड़ियां, सैंकला, बेड़ला और साकरिया गांवों में हालात एक जैसे हैं। किसान बोल रहे हैं कि सरसों-धनिया तो बस कटने ही वाली थी, लेकिन बारिश ने सब चौपट कर दिया। खलिहान में रखी फसल भी भीग गई।
एक किसान ने कहा, “बीज, खाद, दवाई सब उधार में डाली थी। अब समझ नहीं आ रहा घर कैसे चलेगा।”
ग्रामीणों का कहना है कि अगर सरकार ने जल्दी मदद नहीं की तो अगली फसल बोना भी मुश्किल हो जाएगा।
सहायक कृषि अधिकारी विशाल जैन ने बताया कि नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है।
तहसीलदार गणेश खंगार ने कहा कि पटवारी और कानूनगो गांव-गांव जाकर करेंगे नुकसान का आंकलन