लखीमपुर खीरी। फरधान टोल प्लाजा के शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। लखीमपुर से गोला जाने वाला मार्ग लंबे समय से खराब स्थिति में है। दोनों फ्लाईओवर अधूरे पड़े हैं, वहीं सड़कें जगह-ज...
लखीमपुर खीरी। फरधान टोल प्लाजा के शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। लखीमपुर से गोला जाने वाला मार्ग लंबे समय से खराब स्थिति में है। दोनों फ्लाईओवर अधूरे पड़े हैं, वहीं सड़कें जगह-जगह टूट चुकी हैं। ओवरब्रिज के नीचे दोनों तरफ की सड़कें भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। ऐसे में जब क्रॉसिंग बंद होती है तो वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
इन हालात के बावजूद टोल वसूली शुरू कर दिए जाने पर लोगों का आक्रोश भड़क गया है। क्षेत्र के सांसद उत्कर्ष वर्मा ने मामले को गंभीर बताते हुए केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा है। सांसद ने मांग की है कि जब तक सड़क पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो जातीं, तब तक टोल वसूली बंद की जाए।
सांसद वर्मा का कहना है कि जनता से वसूला जाने वाला टोल तभी जायज है जब उन्हें सड़क पर सुगम और सुरक्षित यातायात की सुविधा मिले। अधूरी सड़क और टूटी सड़कों पर टोल लगाना जनहित के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो यह मुद्दा संसद तक उठाया जाएगा।
गौरतलब है कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को फटकार लगाते हुए कहा था कि बिना बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराए टोल वसूली नहीं हो सकती। इसी फैसले का हवाला देते हुए सांसद ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
स्थानीय लोग भी उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार उनकी समस्याओं पर जल्द ध्यान देगी और अधूरी परियोजनाओं को पूरा कर टोल व्यवस्था को जनहितकारी बनाएगी।